रेलवे स्टेशन
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1. रुद्रप्रयाग बस स्टैंड → केदारनाथ
विस्तृत मार्ग: रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय बस स्टैंड से मुख्य राजमार्ग होकर केदारनाथ तक का सुगम पक्का मार्ग। स्थानीय टैक्सी एवं बसें निरंतर उपलब्ध हैं।
द्वादश ज्योतिर्लिंगों में सर्वोच्च श्री केदारनाथ धाम। मंदाकिनी नदी के तट पर 3,583 मीटर की ऊंचाई पर स्थित देवाधिदेव महादेव का धाम।
केदारनाथ रुद्रप्रयाग जिले का एक अत्यंत लोकप्रिय और प्रसिद्ध स्थल है। यहां प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण और अद्वितीय स्थानीय परिवेश पर्यटकों और श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।
केदारनाथ का संबंध रुद्रप्रयाग क्षेत्र के समृद्ध इतिहास, लोक परंपराओं और हिमालयी संस्कृति से जुड़ा हुआ है। वर्षभर बड़ी संख्या में लोग इस स्थान के भ्रमण के लिए आते हैं।
नीचे रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों, बस स्टैंडों और प्रमुख शहरों से केदारनाथ तक पहुंचने के लिए सत्यापित दूरी, अनुमानित समय और विस्तृत मार्ग की जानकारी दी गई है:
रेलवे स्टेशन
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विस्तृत मार्ग: रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय बस स्टैंड से मुख्य राजमार्ग होकर केदारनाथ तक का सुगम पक्का मार्ग। स्थानीय टैक्सी एवं बसें निरंतर उपलब्ध हैं।
रेलवे स्टेशन
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विस्तृत मार्ग: निकटतम रेलवे टर्मिनल से मुख्य पहाड़ी राजमार्ग होकर केदारनाथ तक का रमणीय एवं सुव्यवस्थित यात्रा मार्ग।
रेलवे स्टेशन
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विस्तृत मार्ग: निकटतम घरेलू हवाई अड्डे (पंतनगर/जॉली ग्रांट) से फोर-लेन राजमार्ग और स्टेट हाइवे होकर केदारनाथ तक का आरामदायक मार्ग।
रेलवे स्टेशन
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विस्तृत मार्ग: आसपास के प्रमुख पर्यटन और व्यापारिक शहर से सीधी सुगम सड़क कनेक्टिविटी।
केदारनाथ तक पहुंचने का गूगल मैप्स मार्ग:
केदारनाथ के आसपास स्थित अन्य प्रमुख आकर्षण:
रुद्रप्रयाग
मंदाकिनी और अलकनंदा घाटियों में 975 वर्ग किमी में फैला उच्च हिमालयी अभयारण्य, जो कस्तूरी मृग संरक्षण के लिए जाना जाता है।
रुद्रप्रयाग
विश्व का सबसे ऊंचा शिव मंदिर (3,680 मीटर) तथा ऊपर स्थित चंद्रशिला शिखर, जहां से संपूर्ण गढ़वाल हिमालय दिखाई देता है।
रुद्रप्रयाग
अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का पावन संगम जहां नारद मुनि ने संगीत साधना की थी।
रुद्रप्रयाग
चौखम्बा और हिमालयी शिखरों की जादुई परछाई दिखाने वाली 2438 मीटर पर स्थित शांत प्राकृतिक झील।
केदारनाथ और यात्रा मार्ग के मुख्य दृश्यों की फोटो गैलरी: