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Saturday, March 28, 2026

ऊधम सिंह नगर स्वास्थ्य समाचार: सरकारी अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन खत्म, मरीजों पर बढ़ा आर्थिक बोझ

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काशीपुर। सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे उस समय खोखले नजर आ रहे हैं, जब एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) की भारी कमी से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कुत्ता और बिल्ली के काटने वाले मरीजों को मजबूरन बाजार से महंगी वैक्सीन खरीदनी पड़ रही है।


एक महीने से अस्पताल में एआरवी का संकट

एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय में प्रतिदिन 500 से 600 ओपीडी होती हैं, जिनमें 100 से अधिक मरीज कुत्ते के काटने के आते हैं। बावजूद इसके, पिछले एक महीने से अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, जिससे मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।


मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही महंगी वैक्सीन

अस्पताल में वैक्सीन न मिलने के कारण मरीज बाहर मेडिकल स्टोर से महंगे दामों पर एआरवी खरीदकर अस्पताल में ही लगवा रहे हैं। इससे खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।


पहले भी हो चुकी है ऐसी समस्या

यह पहली बार नहीं है जब एआरवी की कमी सामने आई है। इससे पहले अक्तूबर महीने में भी वैक्सीन खत्म होने के कारण मरीजों को इसी तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा था।


मरीजों ने सुनाई अपनी परेशानी

स्थानीय लोगों ने बताया कि अस्पताल में वैक्सीन न होने के कारण उन्हें इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। कई मरीजों को मजबूरी में महंगी वैक्सीन खरीदकर इलाज कराना पड़ रहा है।


स्वास्थ्य विभाग का बयान: जल्द होगी व्यवस्था

सीएमएस संदीप दीक्षित ने बताया कि मुख्यालय से एआरवी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है और चयनित एजेंसी ने भी फिलहाल आपूर्ति से मना कर दिया है। वहीं, सीएमओ केके अग्रवाल ने कहा कि वैक्सीन के लिए कंपनी से अनुबंध किया गया है और नमूना जांच के बाद आपूर्ति शुरू होगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर खरीद के निर्देश भी दिए गए हैं।


निष्कर्ष:
एंटी रेबीज वैक्सीन की कमी स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करती है। समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि मरीजों को अनावश्यक परेशानी और आर्थिक बोझ से बचाया जा सके।

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