उत्तराखंड

नैनीताल हाई कोर्ट शिफ्टिंग के लिए चिह्नित जमीन पर उठे सवाल, हल्द्वानी की हरियाली पर मंडराया खतरा

हल्द्वानी। नैनीताल हाई कोर्ट को हल्द्वानी शिफ्ट करने की योजना के तहत चिह्नित वन भूमि को लेकर पर्यावरणीय चिंताएं सामने आई हैं। देहरादून में शुक्रवार को क्षेत्रीय अधिकार...
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विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta

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17 अक्टूबर 2026, 06:54 पूर्वाह्न 3 व्यूज 2 मिनट पढ़ें
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स्थान उत्तराखंड
पढ़ने का समय 2 मिनट
रिपोर्टर Sanskriti
अपडेट किया गया 2 hours पहले

हल्द्वानी। नैनीताल हाई कोर्ट को हल्द्वानी शिफ्ट करने की योजना के तहत चिह्नित वन भूमि को लेकर पर्यावरणीय चिंताएं सामने आई हैं। देहरादून में शुक्रवार को क्षेत्रीय अधिकार प्राप्त समिति (आरईसी) की बैठक में इस प्रस्ताव की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान विशेषज्ञों ने वन भूमि के चयन और इसके संभावित पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर सवाल उठाए।

दरअसल, हाई कोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी स्थानांतरित करने के लिए रामपुर रोड पर बेल बाबा मंदिर के सामने स्थित 30 हेक्टेयर आरक्षित वन भूमि को चिह्नित किया गया है। इसी भूमि के प्रस्ताव को आरईसी की बैठक में विचार के लिए रखा गया था।

बैठक में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने उत्तराखंड वन विभाग के अधिकारियों के साथ ही नोडल एजेंसी लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के प्रतिनिधियों से विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी मांगी। वन भूमि के चयन से जुड़े सवालों के बीच इस परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर चर्चा हुई।

हाई कोर्ट की शिफ्टिंग के लिए वन भूमि के इस्तेमाल का प्रस्ताव सामने आने के बाद हल्द्वानी की हरियाली और पर्यावरण संरक्षण को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। अब इस मामले में संबंधित विभागों की ओर से दिए जाने वाले जवाब और प्रस्ताव की समीक्षा के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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