पुष्कर सिंह धामी ने सरकारी कामकाज में लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है। बड़ी संख्या में शिकायतों को बिना उचित समाधान के बंद किए जाने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई है।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदेश में करीब 22 हजार शिकायतों को जबरन बंद कर दिया गया। जब यह आंकड़ा मुख्यमंत्री के सामने आया तो उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और जवाब तलब किया।
सीएम की सख्ती
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि:
- बिना समाधान के शिकायतें बंद करना बर्दाश्त नहीं होगा
- जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ निपटाया जाए
- लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी
जवाबदेही तय करने के निर्देश
सीएम धामी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि शिकायतों की दोबारा जांच की जाए और वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए। साथ ही, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने को भी कहा गया है।
जनता से जुड़ा मुद्दा
यह मामला सीधे तौर पर आम जनता से जुड़ा है। शिकायतों का सही समाधान न होना सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, जिसे लेकर सरकार अब सख्त नजर आ रही है।







