उत्तराखंड

चमोली के जोशीमठ में भालू का हमला, एक ही परिवार के 4 लोग घायल; गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर

सिंहधार वार्ड में तड़के करीब तीन बजे हुई घटना, गौशाला में मवेशियों की आवाज सुनकर पहुंचे थे परिजन; हमले के बाद क्षेत्र में दहशत गोपेश्वर। चमोली जिले के...
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विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta

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13 अक्टूबर 2026, 05:07 पूर्वाह्न 3 व्यूज 3 मिनट पढ़ें
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स्थान उत्तराखंड
पढ़ने का समय 3 मिनट
रिपोर्टर Sanskriti
अपडेट किया गया 20 minutes पहले

सिंहधार वार्ड में तड़के करीब तीन बजे हुई घटना, गौशाला में मवेशियों की आवाज सुनकर पहुंचे थे परिजन; हमले के बाद क्षेत्र में दहशत

गोपेश्वर। चमोली जिले के सीमांत नगर ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) में भालू के हमले की घटना से दहशत फैल गई है। नगर के सिंहधार वार्ड में तड़के एक ही परिवार के चार सदस्यों पर भालू ने हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया।

मवेशियों की आवाज सुनकर गौशाला पहुंचे थे परिजन

जानकारी के अनुसार, घटना तड़के करीब तीन बजे की है। सिंहधार वार्ड निवासी 37 वर्षीय बिंदेश कुमार की गौशाला में मवेशियों के आवाज करने पर वह अपनी मां के साथ स्थिति देखने के लिए वहां पहुंचे। इसी दौरान गौशाला में मौजूद भालू ने उन पर हमला कर दिया।

अचानक हुए हमले से परिवार के लोग संभल नहीं पाए। इस दौरान परिवार के अन्य सदस्य भी भालू की चपेट में आ गए। हमले में एक ही परिवार के चार लोग घायल हो गए। सभी को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर

अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया। घटना के बाद परिवार और आसपास के क्षेत्र में भय का माहौल है।

जोशीमठ में बढ़ रही भालू की दहशत

सीमांत नगर ज्योतिर्मठ और आसपास के क्षेत्रों में भालू की मौजूदगी से लोगों की चिंता बढ़ रही है। तड़के हुई इस घटना ने स्थानीय निवासियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौशाला में मवेशियों की देखभाल और रोजमर्रा के कामों के लिए बाहर निकलने वाले लोगों में भी डर का माहौल है।

ग्रामीण और स्थानीय निवासी जंगली जानवरों की आवाजाही को लेकर सतर्क हैं। ऐसे में प्रभावित क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखना महत्वपूर्ण है।

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