उत्तराखंड

चकराता की दुल्हन ने सड़क के लिए उठाई आवाज, CM धामी ने दिए कार्रवाई के निर्देश; बोलीं- ‘सड़क बनने पर ही दूंगी धन्यवाद’

विकासनगर। उत्तराखंड के चकराता क्षेत्र में सड़क की बदहाल स्थिति और लंबे समय से निर्माण की मांग एक बार फिर चर्चा में है। बुल्हाड़ से उदांवा गांव तक...
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विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta

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23 अक्टूबर 2026, 05:01 पूर्वाह्न 1 व्यूज 5 मिनट पढ़ें
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स्थान उत्तराखंड
पढ़ने का समय 5 मिनट
रिपोर्टर Sanskriti
अपडेट किया गया 13 seconds पहले

विकासनगर। उत्तराखंड के चकराता क्षेत्र में सड़क की बदहाल स्थिति और लंबे समय से निर्माण की मांग एक बार फिर चर्चा में है। बुल्हाड़ से उदांवा गांव तक बारात लेकर पैदल पहुंची दुल्हन शर्मिला ने गांव को सड़क से जोड़ने की मांग उठाकर लोगों का ध्यान बुनियादी सुविधाओं की समस्या की ओर खींचा है। उनकी अपील पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। हालांकि, दुल्हन ने साफ कहा है कि वह मुख्यमंत्री का वास्तविक धन्यवाद तभी करेंगी, जब गांव में सड़क निर्माण का काम धरातल पर शुरू होगा।

बारात लेकर पैदल गांव पहुंची थीं शर्मिला

चकराता क्षेत्र के बुल्हाड़ से उदांवा गांव तक सड़क की सुविधा नहीं होने या पर्याप्त पहुंच मार्ग न होने की समस्या को सामने लाते हुए दुल्हन शर्मिला का पैदल बारात लेकर गांव पहुंचना चर्चा का विषय बना। इस घटना के माध्यम से उन्होंने उस परेशानी को उजागर किया, जिसका सामना गांव के लोगों को आवागमन के दौरान करना पड़ता है।

सड़क किसी भी गांव के विकास की बुनियादी जरूरत होती है। इससे ग्रामीणों को अस्पताल, शिक्षा, बाजार और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिलती है। सड़क की कमी के कारण लोगों को पैदल लंबी दूरी तय करनी पड़ सकती है और सामान लाने-ले जाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

शर्मिला ने अपनी अपील के जरिए उदांवा गांव के लिए सड़क निर्माण की मांग को फिर से प्रमुखता से उठाया है।

सीएम धामी ने अपील पर लिया संज्ञान

दुल्हन शर्मिला की अपील सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले का संज्ञान लिया और सड़क निर्माण के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की ओर से मिले निर्देशों के बाद ग्रामीणों और सड़क की मांग उठा रही दुल्हन को उम्मीद है कि अब इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण की मांग को लेकर पहले भी कई बार आश्वासन मिलने की बात सामने आती रही है। ऐसे में अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि शासन स्तर से मिले निर्देशों के बाद संबंधित विभाग कब तक आवश्यक कार्रवाई करता है और निर्माण कार्य की शुरुआत कब होती है।

‘अभी नहीं दूंगी धन्यवाद, पहले सड़क का काम शुरू हो’

मुख्यमंत्री की ओर से संज्ञान लिए जाने पर शर्मिला ने आभार जताया, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि केवल निर्देश मिलने से गांव की समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि उदांवा गांव के लिए सड़क निर्माण की मांग पहले भी कई बार उठाई जा चुकी है और पूर्व में आश्वासन भी मिले हैं, लेकिन अब तक धरातल पर काम शुरू नहीं हो सका है।

शर्मिला के मुताबिक, वह मुख्यमंत्री का वास्तविक धन्यवाद तभी करेंगी, जब गांव के लिए सड़क निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। उनकी इस प्रतिक्रिया का आशय है कि ग्रामीणों को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाली कार्रवाई चाहिए।

उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद सड़क निर्माण की दिशा में ठोस प्रगति होगी और गांव के लोगों को लंबे समय से चली आ रही परेशानी से राहत मिल सकेगी।

अब कार्रवाई और निर्माण शुरू होने का इंतजार

उदांवा गांव के लिए सड़क निर्माण का मुद्दा अब मुख्यमंत्री के संज्ञान में आने के बाद चर्चा में है। स्थानीय लोगों की उम्मीदें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित विभाग निर्देशों के अनुरूप आगे की प्रक्रिया पूरी करे और सड़क निर्माण का काम जल्द शुरू हो।

फिलहाल, सड़क निर्माण की शुरुआत, परियोजना की समयसीमा और कार्य की वर्तमान स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। ऐसे में शर्मिला की मांग का वास्तविक समाधान तभी माना जाएगा, जब निर्माण कार्य धरातल पर दिखाई देने लगेगा।

दुल्हन शर्मिला की अपील ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि दूरस्थ गांवों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए किए जाने वाले वादे समय पर पूरे कैसे हों। अब देखना होगा कि शासन के निर्देश उदांवा गांव के लिए सड़क निर्माण की दिशा में कितनी जल्दी ठोस परिणाम देते हैं।

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