हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में छात्र से मारपीट और रैगिंग की शिकायत, 30 से अधिक छात्रों से पूछताछ; पिता को बुलाया
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विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta
हल्द्वानी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के एक छात्र के साथ कथित मारपीट और रैगिंग का मामला सामने आया है। छात्र के पिता की ओर से शिकायत किए जाने के बाद कॉलेज प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। इस सिलसिले में एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक बुलाई गई, जिसमें शिकायत से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। मामले की प्रारंभिक जांच के दौरान छात्र के साथ मारपीट या रैगिंग किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। अब कॉलेज प्रबंधन ने शिकायतकर्ता पिता को पत्र भेजकर अपना पक्ष रखने के लिए कॉलेज बुलाया है।
शिकायत के बाद एंटी रैगिंग कमेटी ने शुरू की जांच
कॉलेज प्रबंधन के अनुसार, 16 अक्टूबर की रात वार्षिकोत्सव ‘क्रिसेंडो’ की तैयारियों को लेकर छात्रों की एक बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए विभिन्न कमेटियों का गठन किया गया था। इसी दौरान एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के एक छात्र ने आरोप लगाया कि एमबीबीएस तृतीय वर्ष के कुछ छात्रों ने उसके साथ मारपीट की।
आरोप है कि घटना के बाद संबंधित छात्र की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद छात्र के पिता ने कॉलेज प्रबंधन से शिकायत की और मामले में कार्रवाई की मांग की। शिकायत सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक बुलाई।
30 से अधिक छात्रों से की गई पूछताछ
मामले की सच्चाई का पता लगाने के लिए कॉलेज प्रबंधन ने संबंधित छात्रों से पूछताछ की। इस दौरान 30 से अधिक छात्रों से घटना के संबंध में जानकारी जुटाई गई। जांच में यह समझने का प्रयास किया गया कि वार्षिकोत्सव की तैयारियों को लेकर हुई बैठक के दौरान वास्तव में क्या हुआ था और छात्र के साथ मारपीट किए जाने के आरोपों में कितनी सच्चाई है।
हालांकि, प्रारंभिक जांच में छात्र के साथ मारपीट या रैगिंग की पुष्टि नहीं हो सकी है। इसके बावजूद कॉलेज प्रबंधन मामले के सभी पहलुओं को स्पष्ट करने के लिए आगे की प्रक्रिया अपना रहा है। जांच से जुड़े तथ्यों और संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर ही मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
शिकायतकर्ता पिता को पत्र भेजकर कॉलेज बुलाया
कॉलेज प्रबंधन ने शिकायतकर्ता छात्र के पिता को पत्र भेजकर कॉलेज आने के लिए कहा है। प्रबंधन का उद्देश्य शिकायत से संबंधित जानकारी प्राप्त करना और मामले में शिकायतकर्ता का पक्ष भी सुनना है। पिता के कॉलेज पहुंचने और उनका पक्ष सामने आने के बाद जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
शिकायतकर्ता पक्ष और कॉलेज प्रबंधन के बीच होने वाली चर्चा को इस मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे घटना से संबंधित परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझने और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करने में मदद मिल सकती है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी मामले की स्थिति
मेडिकल कॉलेज में रैगिंग से जुड़ी शिकायत सामने आने के बाद संस्थान की एंटी रैगिंग व्यवस्था और छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठे हैं। मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग रोकने के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना और छात्रों को सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना संस्थान की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
फिलहाल, इस मामले में प्रारंभिक जांच के दौरान मारपीट या रैगिंग की पुष्टि नहीं हुई है। कॉलेज प्रबंधन ने शिकायतकर्ता पिता को बुलाया है और मामले से संबंधित जानकारी जुटाने की प्रक्रिया जारी है। आगे की जांच और संबंधित पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के संबंध में क्या निष्कर्ष निकलता है।