काशीपुर-ऊधम सिंह नगर में साइबर अपराध और पुलिस की ‘स्ट्राइक’
Yogesh
विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta
तकनीकी प्रगति के साथ-साथ काशीपुर में साइबर ठगी के ग्राफ में भी चिंताजनक बढ़ोतरी हुई है। हाल ही में ऊधम सिंह नगर की साइबर सेल ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है जिसने गदरपुर और काशीपुर के निवासियों से शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लाखों रुपये की ठगी की थी।
मामले की गहराई: गिरोह ने पीड़ित को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर भारी मुनाफे का लालच दिया। जब पीड़ित ने 24.70 लाख रुपये का निवेश कर दिया, तो उसके बाद आरोपियों ने उससे संपर्क तोड़ लिया। पुलिस जांच में पाया गया कि ठगी की रकम दर्जनों ‘म्यूल अकाउंट्स’ (Mule Accounts) के जरिए देशभर में फैलाई गई थी। पुलिस ने गदरपुर से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से फर्जी आईडी, सिम कार्ड और कई बैंकों की पासबुक बरामद की हैं।
पुलिस की नई रणनीति: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देशानुसार, जिले में ‘ऑपरेशन कालनेमि’ चलाया जा रहा है। इसके तहत स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर ‘साइबर जागरूकता’ सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। काशीपुर कोतवाली में स्थापित नया साइबर डेस्क अब एआई-आधारित टूल्स का उपयोग कर रहा है ताकि ट्रांजेक्शन होते ही ठगी गई रकम को तुरंत फ्रीज किया जा सके। जनता को सलाह दी जा रही है कि वे अनजाने लिंक्स पर क्लिक न करें और किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी वित्तीय जानकारी साझा न करें।