काशीपुर

काशीपुर में बढ़ता ट्रैफिक जाम बना बड़ी चुनौती, प्रशासन ने सख्त कदम उठाए

काशीपुर शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है और यह आम नागरिकों के लिए रोजमर्रा की बड़ी परेशानी बन चुकी है। उधम सिंह...
Yogesh

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विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta

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18 अप्रैल 2026, 10:41 पूर्वाह्न 1 व्यूज 2 मिनट पढ़ें
त्वरित सारांश
स्थान काशीपुर
पढ़ने का समय 2 मिनट
रिपोर्टर Yogesh
अपडेट किया गया 6 months पहले

काशीपुर शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है और यह आम नागरिकों के लिए रोजमर्रा की बड़ी परेशानी बन चुकी है। उधम सिंह नगर जिले का प्रमुख औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्र होने के कारण काशीपुर में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है, लेकिन उसी अनुपात में सड़क और ट्रैफिक व्यवस्था का विकास नहीं हो पाया है। यही कारण है कि शहर के प्रमुख चौराहों जैसे महाराणा प्रताप चौक, बाजपुर रोड, रामनगर रोड और मुख्य बाजार क्षेत्र में सुबह और शाम के समय भारी जाम देखने को मिलता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे अवैध पार्किंग और अतिक्रमण इस समस्या को और बढ़ा रहे हैं। दुकानदार और ग्राहक अक्सर सड़क पर ही वाहन खड़ा कर देते हैं, जिससे ट्रैफिक की गति बाधित होती है। इसके अलावा, स्कूल और कॉलेज के समय पर भी स्थिति और खराब हो जाती है, जब एक साथ बड़ी संख्या में वाहन सड़कों पर आ जाते हैं।

प्रशासन ने इस समस्या को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस को सख्त निर्देश दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहनों पर चालान काटे जा रहे हैं और कई जगहों पर क्रेन के जरिए वाहन हटाए जा रहे हैं। इसके साथ ही, शहर में CCTV कैमरों की संख्या बढ़ाई जा रही है ताकि ट्रैफिक पर बेहतर नजर रखी जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि काशीपुर में ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान तभी संभव है जब शहर में मल्टीलेवल पार्किंग, वन-वे सिस्टम और ट्रैफिक प्लानिंग को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।

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धारचूला। रोजगार की तलाश में सऊदी अरब गए उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के धारचूला विकासखंड के ग्राम खेला निवासी दिनेश सिंह धामी पिछले करीब 10 माह से विदेश में फंसे हुए हैं। परिजनों के अनुसार, दिनेश को लंबे समय से कंपनी की ओर से वेतन नहीं दिया गया है। आर्थिक संकट के बीच अब उनके सामने खाने-पीने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की भी समस्या खड़ी हो गई है। बताया जा रहा है कि कंपनी की ओर से आवश्यक एग्जिट प्रक्रिया पूरी नहीं किए जाने के कारण दिनेश भारत वापस नहीं लौट पा रहे हैं। लंबे समय से सऊदी अरब में फंसे होने के कारण परिवार भी परेशान है और लगातार उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है। 10 महीने से वेतन का इंतजार दिनेश रोजगार के सिलसिले में सऊदी अरब गए थे। वहां काम शुरू करने के बाद कुछ समय तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में कंपनी ने उनका वेतन रोक दिया। देखते ही देखते कई महीने बीत गए और करीब 10 माह से उन्हें वेतन नहीं मिला। वेतन नहीं मिलने के कारण दिनेश के सामने आर्थिक संकट गहराता चला गया। विदेश में रहते हुए बिना नियमित आय के गुजारा करना उनके लिए मुश्किल हो गया है। परिवार का कहना है कि अब स्थिति ऐसी हो गई है कि उन्हें भोजन और अन्य जरूरी खर्चों को लेकर भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी ने पूरी नहीं की जरूरी प्रक्रिया मामला केवल वेतन नहीं मिलने तक सीमित नहीं है। जानकारी के अनुसार, कंपनी की ओर से दिनेश की भारत वापसी के लिए आवश्यक कानूनी और एग्जिट प्रक्रिया पूरी नहीं की जा रही है। इसके चलते वह चाहकर भी सऊदी अरब से वापस भारत नहीं आ पा रहे हैं। लंबे समय से विदेश में फंसे होने के कारण दिनेश और उनके परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। परिवार चाहता है कि संबंधित स्तर पर हस्तक्षेप कर कंपनी से उनकी बकाया सैलरी दिलाई जाए और भारत वापसी की प्रक्रिया जल्द पूरी कराई जाए। क्षेत्र पंचायत सदस्य ने मुख्यमंत्री से लगाई मदद की गुहार दिनेश की स्थिति को देखते हुए क्षेत्र पंचायत सदस्य ने मामले को प्रशासन के सामने उठाया है। उन्होंने एसडीएम धारचूला के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर दिनेश की मदद और सुरक्षित भारत वापसी की गुहार लगाई है। ज्ञापन में दिनेश को सऊदी अरब से वापस लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने तथा कंपनी से उनका लंबित वेतन दिलाने की मांग की गई है। साथ ही विदेश में फंसे युवक को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। परिवार को है सुरक्षित वापसी का इंतजार दिनेश के लंबे समय से विदेश में फंसे होने के कारण उनके परिजन भी चिंता में हैं। परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि एक तरफ वेतन नहीं मिल रहा है और दूसरी ओर भारत लौटने की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पा रही है। परिजनों को उम्मीद है कि प्रशासन और सरकार के स्तर से मामले में हस्तक्षेप होने के बाद दिनेश की समस्याओं का समाधान हो सकेगा और उनकी जल्द भारत वापसी सुनिश्चित की जाएगी। विदेश में रोजगार के लिए जाने वालों की मुश्किलें भी आईं सामने यह मामला विदेशों में रोजगार की तलाश में जाने वाले भारतीय श्रमिकों के सामने आने वाली चुनौतियों को भी सामने लाता है। रोजगार के बेहतर अवसर की उम्मीद में बड़ी संख्या में उत्तराखंड समेत देश के अन्य हिस्सों से लोग खाड़ी देशों में काम करने जाते हैं। ऐसे मामलों में वेतन, रोजगार अनुबंध, पासपोर्ट, वीजा और भारत वापसी से जुड़ी प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण हो जाती हैं। फिलहाल दिनेश सिंह धामी का परिवार प्रशासन और सरकार से मदद की उम्मीद कर रहा है। करीब 10 महीने से वेतन नहीं मिलने और भारत वापसी की प्रक्रिया अटके होने के कारण दिनेश की स्थिति गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन और संबंधित अधिकारी मामले में किस स्तर पर कार्रवाई करते हैं और दिनेश की सुरक्षित घर वापसी कब तक हो पाती है।

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