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Operation Sindoor: पीएम मोदी ने ही ऑपरेशन को ‘सिंदूर’ नाम दिया, प्रेस ब्रीफिंग भी दो महिला सैन्य अफसरों ने की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर भारतीय सशस्त्र बलों की कार्रवाई के लिए 'ऑपरेशन सिंदूर' नाम चुना। आधिकारिक...
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विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta

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7 मई 2025, 07:06 पूर्वाह्न 2 व्यूज 4 मिनट पढ़ें
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रिपोर्टर Uttarakhand Ekta
अपडेट किया गया 1 year पहले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर भारतीय सशस्त्र बलों की कार्रवाई के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम चुना। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि आतंकियों की ओर से 26 नागरिकों की हत्या किए जाने के बाद उनमें से कई पीड़ितों की पत्नियों की तस्वीरों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इसलिए जवाबी कार्रवाई के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम सबसे ठीक माना गया। ऑपरेशन को लेकर सेना ने प्रेस ब्रीफिंग की तब भी दो महिला सैन्य अफसरों ने ही देश को सैन्य कार्रवाई के बारे में बताया। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने के लिए कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह मौजूद थीं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में संसद हमले, मुंबई हमले, पुलवामा हमले और पहलगाम हमले के दृश्य दिखाए गए।

दरअसल, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकियों ने धर्म पूछकर पर्यटकों की निर्मम हत्या कर दी थी। आतंकी हमले में कई महिलाओं ने अपने पतियों को खो दिया। क्रूर आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारत ने 15 दिन बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले (पीओजेके) में नौ आतंकी शिविरों पर सटीक हमले कर नेस्तनाबूद कर दिया। भारतीय सशस्त्र बलों ने इस ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया।

धर्म पूछकर 26 पर्यटकों को मारी थी गोली
बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम की बायसरन घाटी में आतंकियों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर पर्यटकों की हत्या कर दी थी। इस हमले में 25 भारतीय और एक नेपाली युवक की मौत हो गई थी। हमले के दौरान आतंकियों ने धर्म पूछकर सिर्फ पुरुषों को मारा था। इस हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर था। भारत ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए सिंधु जल संधि के निलंबन से लेकर पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करने तक कई पाबंदियां लगाईं। यहां तक की वैश्विक स्तर पर भी इस हमले की निंदा की गई।

सीमा पर वायुसेना के युद्धाभ्यास की है तैयारी
भारत ने ये कार्रवाई तब की है, जब भारतीय वायुसेना पहले ही पहलगाम के दोषियों और साजिशकर्ताओं को सबक सिखाने के लिए आज पाकिस्तान सीमा पर बड़े पैमाने पर युद्धाभ्यास करने जा रही है। इसमें राफेल, मिराज-2000, तेजस और सुखोई-30 जैसे सभी अग्रिम कतार के लड़ाकू विमान शामिल होंगे। वहीं, देश के 259 संवेदनशील जिलों में नागरिक सुरक्षा परखने के लिए मॉक ड्रिल की जाएगी।

जमीन और हवा में दुश्मन के लक्ष्यों को नष्ट करने की क्षमता परखेगी वायुसेना
सूत्रों का कहना है कि वायुसेना के युद्धाभ्यास में अवाक्स वायुरक्षा प्रणाली भी होगी। इस दौरान, वायुसेना जमीन और हवा में दुश्मन के लक्ष्यों को नष्ट करने की अपनी क्षमता को परखेगी। सीमा पर युद्धाभ्यास के लिए केंद्र सरकार ने नोटिस टु एयरमैन (नोटेम) जारी किया है। यह नोटिस किसी खास क्षेत्र में उड़ानों को लेकर सतर्कता बरतने के लिए जारी किया जाता है।

युद्धाभ्यास के दौरान यात्री उड़ानों पर रहेगा प्रतिबंध
नोटेम के अनुसार, वायुसेना का अभ्यास आज दोपहर 3:30 बजे से लेकर 8 मई की रात 9:30 बजे तक चलेगा। इस दौरान यात्री उड़ानों पर प्रतिबंध रहेगा। हवाई क्षेत्र को प्रतिबंधित करने का मकसद वायुसेना की युद्ध तैयारियों के तौर पर लड़ाकू विमानों, निगरानी विमानों और अन्य हवाई अभियानों की तैनाती सहित कई गतिविधियों को सुविधाजनक बनाना है।

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