उत्तराखंड में 16 नवंबर को बंद होंगे बदरीनाथ धाम के कपाट, 12 नवंबर से शुरू होंगी पंच पूजाएं
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विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta
गोपेश्वर (चमोली)। विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 16 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने का समय रात्रि 9 बजकर 37 मिनट निर्धारित किया गया है। इसके बाद भगवान बदरी विशाल की पूजा-अर्चना शीतकालीन प्रवास के दौरान निर्धारित परंपराओं के अनुसार की जाएगी।
12 नवंबर से शुरू होंगी पंच पूजाएं
बदरीनाथ धाम में कपाट बंद होने की प्रक्रिया के तहत 12 नवंबर, गुरुवार से पंच पूजाएं शुरू होंगी। इन धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान मंदिर में परंपरागत पूजा-पद्धति का पालन किया जाएगा। कपाट बंद होने से पहले होने वाली इन पूजाओं का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है।
17 नवंबर को शीतकालीन प्रवास के लिए रवाना होंगी देवडोलियां
कपाट बंद होने के अगले दिन 17 नवंबर, मंगलवार को श्री उद्धव जी, श्री कुबेर जी और आदिगुरु शंकराचार्य जी की गद्दी धाम से अपने शीतकालीन प्रवास के लिए प्रस्थान करेगी। इसके साथ ही बदरीनाथ धाम की वार्षिक यात्रा का समापन होगा और शीतकालीन पूजा व्यवस्था शुरू हो जाएगी।
बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही चारधाम यात्रा के इस चरण का समापन होगा। हर वर्ष की तरह कपाट बंद होने की प्रक्रिया में धार्मिक परंपराओं और निर्धारित अनुष्ठानों का पालन किया जाएगा।