उत्तराखंड

छुट्टी नहीं मिलने पर भड़का बंदीरक्षक, सरकारी राइफल लेकर प्रभारी जेलर के घर पहुंचा; जान से मारने की धमकी देने का आरोप

उत्तराखंड के सितारगंज स्थित केंद्रीय कारागार में छुट्टी स्वीकृत नहीं होने से नाराज एक बंदीरक्षक पर सरकारी राइफल लेकर प्रभारी जेलर के आवास पर पहुंचने और उन्हें जान...
Sanskriti

Sanskriti

विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta

शेयर करें:
16 अक्टूबर 2026, 06:04 पूर्वाह्न 1 व्यूज 3 मिनट पढ़ें
त्वरित सारांश
स्थान उत्तराखंड
पढ़ने का समय 3 मिनट
रिपोर्टर Sanskriti
अपडेट किया गया 2 minutes पहले

उत्तराखंड के सितारगंज स्थित केंद्रीय कारागार में छुट्टी स्वीकृत नहीं होने से नाराज एक बंदीरक्षक पर सरकारी राइफल लेकर प्रभारी जेलर के आवास पर पहुंचने और उन्हें जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। घटना के दौरान बंदीरक्षक के पास लोडेड सरकारी राइफल होने की बात सामने आई है। मामले के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्रभारी जेलर की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी बंदीरक्षक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

सितारगंज। जानकारी के अनुसार, केंद्रीय कारागार सितारगंज में तैनात बंदीरक्षक शुभम पांडेय छुट्टी स्वीकृत नहीं होने से नाराज था। आरोप है कि इसी नाराजगी में वह सरकारी राइफल लेकर प्रभारी जेलर (कारापाल) प्यारे लाल के आवास पर पहुंच गया और उन्हें जान से मारने की धमकी देने लगा।

दरवाजे पर लात मारकर बाहर निकालने का प्रयास

आरोप है कि बंदीरक्षक ने प्रभारी जेलर के आवास के दरवाजे पर पैर से प्रहार किया और उन्हें बाहर आने के लिए कहा। शोर-शराबा सुनकर मौके पर पहुंचे जेल अधिकारियों और कर्मचारियों ने हस्तक्षेप किया। इस दौरान कर्मचारियों ने किसी तरह बंदीरक्षक से सरकारी राइफल अपने कब्जे में ले ली।

बताया जा रहा है कि हथियार लिए जाने के बाद भी आरोपी ने मारपीट करने का प्रयास किया। पुलिस की मौजूदगी में भी उसके द्वारा धमकी दिए जाने का आरोप है। घटना के बाद जेल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया।

तीन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज

प्रभारी जेलर प्यारे लाल की शिकायत के आधार पर पुलिस ने बंदीरक्षक शुभम पांडेय को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की तीन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।

फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। छुट्टी को लेकर हुए विवाद, सरकारी हथियार लेकर आवास तक पहुंचने और धमकी देने के आरोपों से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

और खबरें - उत्तराखंड

सभी देखें ›