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Friday, March 27, 2026

उत्तराखंड अपराध रिपोर्ट: घरों में भी सुरक्षित नहीं महिलाएं, 5 साल में 1500 से ज्यादा मामले; अधिकांश आरोपी परिचित

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ऊधम सिंह नगर/कुमाऊं। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार और प्रशासन लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कुमाऊं क्षेत्र के आंकड़े चिंताजनक तस्वीर पेश कर रहे हैं। बीते पांच वर्षों में महिलाओं के खिलाफ 1500 से अधिक अपराध दर्ज हुए हैं, जिनमें अधिकांश मामलों में आरोपी पीड़िता के परिचित या परिवार के सदस्य ही निकले हैं।


परिचित और परिजन ही बने सबसे बड़े आरोपी

आंकड़ों के अनुसार, वयस्क महिलाओं से जुड़े 80 प्रतिशत से अधिक मामलों में आरोपी परिचित रहे हैं। वहीं पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों में 15 से 22 प्रतिशत आरोपी सगे या सौतेले परिजन पाए गए। यह स्थिति समाज के भीतर छिपे खतरे को उजागर करती है, जहां भरोसे के रिश्ते ही अपराध में बदल रहे हैं।


ऊधम सिंह नगर बना महिला अपराधों का केंद्र

कुमाऊं क्षेत्र में महिलाओं के खिलाफ दर्ज मामलों का 45 से 50 प्रतिशत हिस्सा अकेले ऊधम सिंह नगर जिले से आता है। रुद्रपुर, काशीपुर, किच्छा और बाजपुर जैसे इलाकों में घरेलू हिंसा, दुष्कर्म और छेड़छाड़ के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।


नैनीताल और पहाड़ी जिलों में भी बढ़े मामले

नैनीताल जिले में 25 से 30 प्रतिशत तक मामलों की हिस्सेदारी सामने आई है। वहीं हल्द्वानी, लालकुआं और रामनगर क्षेत्रों में भी परिचितों द्वारा अपराध के मामलों में वृद्धि देखी गई है।

अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जैसे पहाड़ी जिलों में 90 से 95 प्रतिशत मामलों में आरोपी पीड़िता के परिचित या रिश्तेदार ही पाए गए हैं, जो सामाजिक संरचना के लिए गंभीर चिंता का विषय है।


2020 से 2026 तक लगातार बढ़ते आंकड़े

वर्ष 2020 में महिलाओं से जुड़े 1030 मामले दर्ज हुए थे, जो 2023 तक बढ़कर 1390 तक पहुंच गए। वहीं 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, पांच वर्षों में 350 से 400 मामले ऐसे सामने आए, जिनमें आरोपी सगा या सौतेला परिजन था।


हाल के वर्षों के चर्चित मामले

  • 2019, किच्छा: सौतेले पिता द्वारा नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया।
  • 2020, पिथौरागढ़: रिश्तेदार ने शादी का झांसा देकर युवती का शोषण किया।
  • 2021, हल्द्वानी: सगे चाचा पर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप लगा।
  • 2022, अल्मोड़ा: दादा द्वारा पोती के शोषण का मामला उजागर हुआ।
  • 2023, रुद्रपुर: चचेरे भाई ने बहन को ब्लैकमेल कर शोषण किया।
  • 2024, बाजपुर: मां के परिचित पर बेटी से दुष्कर्म का आरोप लगा।
  • 2025, नैनीताल: 73 वर्षीय व्यक्ति पर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप।
  • 2026, सितारगंज: महिला ने सौतेले पिता पर ब्लैकमेल और दुष्कर्म का आरोप लगाया।

पुलिस का दावा: महिला सुरक्षा के लिए लगातार कार्रवाई

एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है। जहां भी अपराध सामने आए हैं, वहां सख्त कार्रवाई की गई है और दोषियों को कानून के तहत सजा दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।


घरों के भीतर छिपा सबसे बड़ा खतरा

हालांकि प्रशासन द्वारा जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन आंकड़े यह संकेत देते हैं कि महिलाओं के लिए सबसे बड़ा खतरा घर की चारदीवारी के भीतर ही मौजूद है। भरोसेमंद रिश्तों का टूटना समाज के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।


निष्कर्ष:
कुमाऊं क्षेत्र में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध और उनमें परिचितों की संलिप्तता समाज के लिए गंभीर चेतावनी है। अब आवश्यकता है सख्त कानून के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता और सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने की, ताकि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

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