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Uttarakhand राज्य: अल्मोड़ा में जंगल की आग से 30 गांवों की नींद उड़ी, सब कर रहे पहरेदारी हैं

उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में जंगल में लगी आग ने ३० गांवों के लोगों को भूखा कर दिया है।स्याहीदेवी-शीतलाखेत जंगल, जो कड़ी मेहनत से बनाया गया है और...
Uttarakhand Ekta

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विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta

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8 मई 2024, 12:35 पूर्वाह्न 0 व्यूज 2 मिनट पढ़ें
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स्थान उत्तराखंड
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रिपोर्टर Uttarakhand Ekta
अपडेट किया गया 1 year पहले

उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में जंगल में लगी आग ने ३० गांवों के लोगों को भूखा कर दिया है।स्याहीदेवी-शीतलाखेत जंगल, जो कड़ी मेहनत से बनाया गया है और 7.5 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है, अपने खेत-खलिहानों को बचाने के लिए गांव की महिलाएं, बुजुर्ग और युवा दिन-रात बारी-बारी से पहरेदारी कर रहे हैं। यहां तक कि उनके लिए भोजन की व्यवस्था भी जंगल में ही की जाती है।

2003 में स्याहीदेवी-शीतलाखेत जंगल को पौधरोपण के बिना फिर से बनाने का प्रयास शुरू हुआ था। स्वास्थ्य विभाग के फार्मासिस्ट गजेंद्र कुमार पाठक ने संयोजक के तौर पर जंगल बचाओ… जीवन बचाओ अभियान के तहत 30 गांवों के लोगों ने वन विभाग के सहयोग से बांज, बुरांश, फल्यांट सहित अन्य प्रजातियों का जंगल बनाया. धामस, नौला, भाकड़, गणस्यारी, स्याहीदेवी, रौन, डाल, डोबा, जूट, कसून, रैंगल, बलम, तल्ला रौतेला,

पूरी रात नहीं सोए ग्रामीण, आग बुझाने में जुटे रहे…ताड़ीखेत के दूर के गांव तक जंगल की आग पहुंच गई। अपने घर, खेत, खलिहान की चिंता से ग्रामीण पूरी रात नहीं सो सके और आग बुझाने में जुटे रहे। सुबह चार बजे के करीब ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद जंगल की आग को गांव पहुंचने से रोका।

 

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