उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात गंभीर कर दिए हैं। राज्य के कई हिस्सों में भूस्खलन, उफनाती नदियों और सड़क बंद होने की घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी आपदा प्रबंधन एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के आदेश दिए गए हैं।
85 सड़कें बंद, कई जिलों में यातायात प्रभावित
लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते प्रदेशभर में 85 सड़कें बंद हो गई हैं। सबसे अधिक असर चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में देखा गया है।
उत्तराखंड जिला अनुसार बंद मार्ग:
- चमोली – 20
- पिथौरागढ़ – 13
- बागेश्वर – 10
- नैनीताल – 8
- टिहरी – 8
- देहरादून – 7
- रुद्रप्रयाग – 6
- उत्तरकाशी – 6
- पौड़ी – 5
- अल्मोड़ा – 2
सड़कें बंद होने से कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क बाधित हो गया है और लोगों को आवाजाही में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
अलकनंदा और मंदाकिनी खतरे के निशान से ऊपर
रुद्रप्रयाग जिले में लगातार बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार:
- अलकनंदा नदी: 627.80 मीटर (खतरे का निशान 627.00 मीटर)
- मंदाकिनी नदी: 626.60 मीटर (खतरे का निशान 626.00 मीटर)
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और नदी तटों से दूर रहने की अपील की है।
उत्तराखंड तीन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देहरादून, चमोली और बागेश्वर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं प्रदेश के अन्य सभी जिलों में येलो अलर्ट लागू है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में:
- भारी से बहुत भारी बारिश,
- तेज हवाएं,
- आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है।
अगस्त्यमुनि में फिर बंद हुआ विजयनगर-तैला मार्ग
रुद्रप्रयाग के विजयनगर-तैला मोटर मार्ग पर एक बार फिर भूस्खलन हुआ, जिससे सड़क पर भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आ गए। इसके चलते यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
यह सड़क 80 से अधिक गांवों की मुख्य संपर्क मार्ग है और मानसून के दौरान लगातार भूस्खलन के कारण बार-बार बंद हो रही है।
घनसाली में मलबे में दबी कार
टिहरी जिले के घनसाली क्षेत्र में भूस्खलन के दौरान एक कार मलबे में दब गई। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और राहत-बचाव दल सतर्क हैं।
यमुनोत्री हाईवे पर टला बड़ा हादसा
उत्तरकाशी के सिलाई बैंड क्षेत्र में अचानक पहाड़ी से चट्टान और पत्थर गिरने लगे। यमुनोत्री धाम से लौट रहे उत्तर प्रदेश के दो कांवड़ यात्री समय रहते अपनी बाइक छोड़कर सुरक्षित स्थान पर भाग गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने, नदी-नालों के जलस्तर की लगातार मॉनिटरिंग करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन की लोगों से अपील
- नदी और नालों के किनारे जाने से बचें।
- अनावश्यक यात्रा न करें।
- मौसम विभाग और प्रशासन की सलाह का पालन करें।
- भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतें।
प्रदेश में लगातार बारिश को देखते हुए अगले कुछ दिनों तक हालात चुनौतीपूर्ण बने रह सकते हैं। प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने और केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।







