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काशीपुर में अधिवक्ताओं का न्यायिक कार्यों का बहिष्कार चौथे दिन भी जारी, एफआईआर निरस्त करने की मांग पर प्रदर्शन तेज

काशीपुर | ऊधम सिंह नगर के काशीपुर में अधिवक्ताओं का न्यायिक कार्यों का बहिष्कार लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। बार एसोसिएशन के सचिव सहित तीन अधिवक्ताओं के...
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विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta

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6 अगस्त 2026, 06:50 पूर्वाह्न 1 व्यूज 3 मिनट पढ़ें
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स्थान उत्तराखंड
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रिपोर्टर UK News
अपडेट किया गया 2 months पहले

काशीपुर | ऊधम सिंह नगर के काशीपुर में अधिवक्ताओं का न्यायिक कार्यों का बहिष्कार लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। बार एसोसिएशन के सचिव सहित तीन अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर के मुख्य द्वार पर सांकेतिक धरना दिया और प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक एफआईआर वापस नहीं ली जाती और उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन और न्यायिक कार्यों का बहिष्कार जारी रहेगा।

धरने के दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता न्यायालय परिसर में एकत्र हुए। उन्होंने हाथों में तख्तियां लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया और न्यायालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर सांकेतिक धरना देकर अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर अनुचित है और इसे तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि इस कार्रवाई से अधिवक्ताओं की गरिमा और स्वतंत्र कार्यप्रणाली प्रभावित हुई है।

बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि अधिवक्ताओं का उद्देश्य न्यायिक व्यवस्था को बाधित करना नहीं है, बल्कि अपने साथ हुए कथित अन्याय के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाना है। उन्होंने प्रशासन से मामले का निष्पक्ष परीक्षण कर उचित निर्णय लेने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को अनदेखा किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

न्यायिक कार्यों के बहिष्कार का असर अदालत की नियमित कार्यवाही पर भी देखने को मिला। कई मामलों की सुनवाई प्रभावित हुई, जबकि वादकारियों और आम नागरिकों को अपने आवश्यक न्यायिक कार्यों के लिए इंतजार करना पड़ा। अदालत पहुंचे कई लोगों को तारीख लेकर वापस लौटना पड़ा, जिससे उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ा।

अधिवक्ताओं ने प्रशासन से बातचीत के माध्यम से जल्द समाधान निकालने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि संबंधित अधिकारियों द्वारा सकारात्मक पहल की जाती है, तो विवाद का समाधान निकाला जा सकता है और न्यायालय का सामान्य कामकाज फिर से शुरू हो सकता है।

फिलहाल काशीपुर में अधिवक्ताओं का आंदोलन जारी है और सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर बनी हुई है। यदि जल्द कोई समाधान नहीं निकलता है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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