वृक्षारण्य परियोजना के प्रथम चरण का शुभारम्भ, ग्राम पंचायत मुनेठ में फलदार पौधों का वितरण
Uttarakhand Ekta
विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta
मोरल वैल्यूज इंडिया फाउंडेशन द्वारा संचालित “वृक्षारण्य परियोजना” के अंतर्गत वर्ष 2026–27 के प्रथम चरण का शुभारम्भ
ग्राम पंचायत मुनेठ, विकासखंड देवप्रयाग, टिहरी गढ़वाल से किया गया। अभियान के तहत पर्वतीय ग्रामीण परिवारों को उच्च गुणवत्ता वाले फलदार पौधों का वितरण किया गया। फलदार पौधों का वितरण ग्राम पंचायत मुनेठ की प्रधान श्रीमती शशि मिश्रा, पूर्व प्रधान श्री नरेश चंद्र मिश्रा तथा संस्था के व्यवस्थापक श्री अभिषेक कुमार की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर ग्रामीणों में विशेष उत्साह और प्रसन्नता देखने को मिली। बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवारों ने पौधे प्राप्त किए और उनकी नियमित देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प लिया।
संस्था के अनुसार वर्ष 2026–27 में यह अभियान तीन चरणों में संचालित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत देवप्रयाग विकासखंड के विभिन्न पर्वतीय गाँवों में हजारों फलदार पौधों का वितरण किया जाएगा। स्थानीय जलवायु एवं भौगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल श्रेष्ठ गुणवत्ता वाले पौधे ग्रामीण परिवारों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में वे पोषण, पर्यावरण संरक्षण और आय का स्थायी माध्यम बन सकें।
मोरल वैल्यूज इंडिया फाउंडेशन के निदेशक श्री उमेश भारद्वाज की यह अभिनव सोच का ही परिणाम है कि ग्रामीणों को केवल साधारण पौधे नहीं, बल्कि उन्नत एवं सर्वश्रेष्ठ गुणवत्ता वाले फलदार वृक्ष उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उनका कहना है कि “वृक्षारण्य परियोजना का उद्देश्य केवल पौधों का वितरण या वृक्षारोपण करना नहीं है। हमारा लक्ष्य हिमालयी गाँवों में प्रकृति, पोषण और ग्रामीण आजीविका के बीच एक स्थायी संबंध स्थापित करना है। आज लगाया गया प्रत्येक फलदार पौधा आने वाले वर्षों में परिवारों को मधुर फल, स्वास्थ्य, आय और आत्मनिर्भरता प्रदान कर सकता है।
हम चाहते हैं कि पर्वतीय गाँव हरित, समृद्ध और स्वावलंबी बनें तथा ग्रामीण स्वयं इन वृक्षों के संरक्षक बनें।”पौधे प्राप्त करने वाले ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पहली बार कोई संस्था उनके गाँव तक पहुँचकर फलदार पौधों का वितरण कर रही है। ग्रामीणों के अनुसार यह पहल केवल हरियाली बढ़ाने का अभियान नहीं, बल्कि उनके बच्चों के भविष्य और गाँव की समृद्धि से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रयास है। संस्था के अनुसार आगामी चरणों में देवप्रयाग विकासखंड की अन्य ग्राम पंचायतों और दूरस्थ पर्वतीय गाँवों में भी व्यापक स्तर पर फलदार पौधों का वितरण एवं वृक्षारोपण किया जाएगा।
“आज लगाया गया प्रत्येक पौधा—हरित, स्वस्थ और आत्मनिर्भर हिमालय की ओर बढ़ाया गया एक सशक्त कदम है।”
