काशीपुर। चैती मेले के पावन अवसर पर मां बाल सुंदरी देवी का पवित्र डोला आज अर्धरात्रि में पारंपरिक मार्ग से चैती मंदिर के लिए प्रस्थान करेगा। इस धार्मिक आयोजन को लेकर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क हैं और तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
डोला यात्रा की तैयारियां पूरी, रात तीन बजे होगा प्रस्थान
चैती मेले में मां भगवती का डोला बुधवार रात पंडा आवास (मोहल्ला कानूनगोयान) से पूजा-अर्चना के बाद लगभग तीन बजे मंदिर के लिए रवाना होगा। इस धार्मिक यात्रा को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। डोला यात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं और श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
प्रशासन ने किया मार्ग का निरीक्षण, खामियों को दूर करने के निर्देश
मेला मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने तहसीलदार पंकज चंदोला, एसपी स्वप्न किशोर सिंह, नगर निगम टीम और पंडा परिवार के साथ डोला मार्ग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मार्ग में मौजूद बाधाओं को चिन्हित कर उन्हें बृहस्पतिवार दोपहर तक ठीक करने के निर्देश दिए गए।
एसडीएम ने बताया कि पंडा आवास से महाराणा प्रताप चौक तक का मार्ग सही स्थिति में है, जबकि वहां से रोडवेज बस स्टेशन के पास आरओबी के नीचे का रास्ता खराब पाया गया है।
सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान, स्ट्रीट लाइट और बैरिकेडिंग के निर्देश
रेलवे क्रॉसिंग के पास खुले नाले को कवर करने और उचित बैरिकेडिंग करने के लिए नगर निगम को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, पूरे मार्ग पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने के आदेश भी जारी किए गए हैं, ताकि रात के समय श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात
एसपी स्वप्न किशोर सिंह ने बताया कि डोला यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। पूरे मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहेगा, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल मिल सके।
इसके अलावा, प्रशासन ने खोखरा देवी मार्ग का भी निरीक्षण किया और वहां सुरक्षा, लाइटिंग और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
धार्मिक आयोजन में प्रमुख लोगों की उपस्थिति
इस दौरान मां बाल सुंदरी देवी के मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री, सहायक प्रधान पंडा मनोज अग्निहोत्री, नीरज कांडपाल, नगर निगम के सैनिटरी इंस्पेक्टर मनोज बिष्ट और एसएनए शालिनी नेगी सहित कई अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
निष्कर्ष:
चैती मेले में मां बाल सुंदरी देवी का डोला श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है। प्रशासन द्वारा की गई सुदृढ़ व्यवस्थाओं के चलते यह धार्मिक यात्रा सुरक्षित और भव्य रूप से संपन्न होने की उम्मीद है।







