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खेल जगत में हड़कंप: नीरज चोपड़ा-सुमित अंतिल ने कोच पर लगाए मानसिक उत्पीड़न के आरोप

भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर Neeraj Chopra और पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट Sumit Antil ने कोच नवल सिंह के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। खिलाड़ियों ने आरोप लगाया है...
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विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta

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18 अप्रैल 2026, 10:09 पूर्वाह्न 0 व्यूज 3 मिनट पढ़ें
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स्थान खेल
पढ़ने का समय 3 मिनट
रिपोर्टर Sanskriti
अपडेट किया गया 2 days पहले

भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर Neeraj Chopra और पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट Sumit Antil ने कोच नवल सिंह के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। खिलाड़ियों ने आरोप लगाया है कि कोच ने लंबे समय तक मानसिक उत्पीड़न और अभद्र व्यवहार किया, जिसके बाद मामला अब खेल जगत में चर्चा का विषय बन गया है।

  SAI तक पहुंची शिकायत

सुमित अंतिल ने इस मामले की औपचारिक शिकायत भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) को दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोच नवल सिंह लगातार खिलाड़ियों के साथ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते थे और मानसिक रूप से परेशान करते थे।

अंतिल के मुताबिक, कोच ने कई बार उनके और नीरज चोपड़ा के परिवारों के बारे में भी आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, जिससे माहौल और खराब हो गया।

  खिलाड़ियों का मिला समर्थन

इस शिकायत को नीरज चोपड़ा के अलावा अन्य एथलीट्स ने भी समर्थन दिया है। इसमें पैरा-एथलीट नवदीप सिंह और संदीप चौधरी जैसे नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं।

नीरज चोपड़ा ने भी इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है और खिलाड़ियों के साथ खड़े होने की बात कही है।

  क्या हैं आरोप?

  • मानसिक उत्पीड़न और बार-बार गाली-गलौज
  • खिलाड़ियों और उनके परिवारों पर अभद्र टिप्पणी
  • अपमानजनक ऑडियो/मैसेज रिकॉर्ड कर साझा करना
  • प्रोफेशनल सीमाओं का उल्लंघन

इन आरोपों ने भारतीय एथलेटिक्स में कोच और खिलाड़ियों के रिश्तों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  कोच की पृष्ठभूमि

कोच नवल सिंह द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित रह चुके हैं और फिलहाल एक उभरते जैवलिन खिलाड़ी को ट्रेनिंग दे रहे हैं।

  अब आगे क्या?

SAI ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है, हालांकि यह भी स्पष्ट किया गया है कि नवल सिंह उनके सीधे कर्मचारी नहीं हैं। अब इस मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित खेल संघों के साथ मिलकर तय की जाएगी।

  बड़ा सवाल

यह मामला सिर्फ एक शिकायत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि अगर देश के शीर्ष खिलाड़ी ही सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे, तो बाकी एथलीट्स की स्थिति क्या होगी।

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