उत्तराखंड में लोक सेवा आयोग के नए भर्ती कैलेंडर को लेकर युवाओं में नाराजगी देखने को मिल रही है। कैलेंडर जारी होने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने परीक्षा शेड्यूल पर सवाल उठाए हैं।
क्या है विवाद की वजह?
नए कैलेंडर के अनुसार, पूरे साल में 16 प्रवक्ता (Lecturer) परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। अभ्यर्थियों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में परीक्षाएं कम समय में कराना व्यवहारिक नहीं है और इससे तैयारी प्रभावित होगी।
युवाओं की चिंता
छात्रों का मानना है कि:
- परीक्षाओं के बीच पर्याप्त समय नहीं मिलेगा
- तैयारी का स्तर प्रभावित हो सकता है
- कई परीक्षाएं आपस में टकरा सकती हैं
इसके चलते कई अभ्यर्थी खुद को दबाव में महसूस कर रहे हैं।
आयोग की मंशा
वहीं, आयोग का उद्देश्य लंबित भर्तियों को जल्द पूरा करना और खाली पदों को भरना है। अधिकारियों का मानना है कि इससे भर्ती प्रक्रिया तेज होगी और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
संतुलन की मांग
युवाओं का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया तेज करना जरूरी है, लेकिन परीक्षा कैलेंडर ऐसा होना चाहिए जिसमें तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके।







