काशीपुर

चैती मेला 2026: चौथी पीढ़ी निभाएगी आस्था की परंपरा, कंधों पर चलेगा मां बाल सुंदरी का डोला

ऊधम सिंह नगर (काशीपुर)। चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर आयोजित होने वाला मां बाल सुंदरी देवी का ऐतिहासिक चैती मेला एक बार फिर श्रद्धा और परंपरा का...
Yogesh

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विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta

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24 मार्च 2026, 06:44 पूर्वाह्न 0 व्यूज 3 मिनट पढ़ें
त्वरित सारांश
स्थान काशीपुर
पढ़ने का समय 3 मिनट
रिपोर्टर Yogesh
अपडेट किया गया 7 months पहले

ऊधम सिंह नगर (काशीपुर)। चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर आयोजित होने वाला मां बाल सुंदरी देवी का ऐतिहासिक चैती मेला एक बार फिर श्रद्धा और परंपरा का अद्भुत संगम लेकर आ रहा है। इस मेले की सबसे खास बात है मां भगवती का डोला, जिसे इस बार भी परिवार की चौथी पीढ़ी अपने कंधों पर उठाएगी।


25 मार्च की रात निकलेगा डोला

चैत्र नवरात्र की सप्तमी यानी 25 मार्च की अर्धरात्रि को पंडा आवास से मां बाल सुंदरी का डोला निकाला जाएगा। यह डोला मंदिर तक ले जाया जाता है, जिसे देखने के लिए हजारों श्रद्धालु जुटते हैं।


चार पीढ़ियों से चल रही परंपरा

डोला उठाने की जिम्मेदारी खड़कपुर देवीपुरा के 12 सदस्यों की टीम निभा रही है।
इस परंपरा को उनके दादा-परदादा से शुरू होकर अब चौथी पीढ़ी तक आगे बढ़ाया जा रहा है।

  • एक समय में 6 लोग कंधे पर डोला उठाते हैं

  • हर 200–300 मीटर पर “बदलो” की आवाज के साथ कंधे बदलते हैं

  • डोला बिना रुके लगातार आगे बढ़ता है

यह सिर्फ एक परंपरा नहीं बल्कि आस्था, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक है।


मेले में पहली बार जीएसटी की सख्ती

इस बार चैती मेले में एक नया बदलाव देखने को मिलेगा:

  • सभी व्यापारियों को अस्थायी जीएसटी पंजीकरण कराना होगा

  • उन्हें अपनी आय के अनुसार 18% जीएसटी देना होगा

  • विभाग मेले में विशेष निगरानी रखेगा

यह कदम मेले के व्यापार को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए उठाया गया है।


श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य सुविधा

मेले में आने वाले भक्तों के लिए भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा 15 दिवसीय निःशुल्क चिकित्सा शिविर भी शुरू किया गया है, जिससे लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से मिल सकें।


आस्था और परंपरा का संगम

मां बाल सुंदरी का चैती मेला सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही संस्कृति और विश्वास का जीवंत उदाहरण है। चौथी पीढ़ी द्वारा डोला उठाना इस परंपरा की निरंतरता और गहरी आस्था को दर्शाता है।

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उत्तराखंड

धारचूला। रोजगार की तलाश में सऊदी अरब गए उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के धारचूला विकासखंड के ग्राम खेला निवासी दिनेश सिंह धामी पिछले करीब 10 माह से विदेश में फंसे हुए हैं। परिजनों के अनुसार, दिनेश को लंबे समय से कंपनी की ओर से वेतन नहीं दिया गया है। आर्थिक संकट के बीच अब उनके सामने खाने-पीने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की भी समस्या खड़ी हो गई है। बताया जा रहा है कि कंपनी की ओर से आवश्यक एग्जिट प्रक्रिया पूरी नहीं किए जाने के कारण दिनेश भारत वापस नहीं लौट पा रहे हैं। लंबे समय से सऊदी अरब में फंसे होने के कारण परिवार भी परेशान है और लगातार उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है। 10 महीने से वेतन का इंतजार दिनेश रोजगार के सिलसिले में सऊदी अरब गए थे। वहां काम शुरू करने के बाद कुछ समय तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में कंपनी ने उनका वेतन रोक दिया। देखते ही देखते कई महीने बीत गए और करीब 10 माह से उन्हें वेतन नहीं मिला। वेतन नहीं मिलने के कारण दिनेश के सामने आर्थिक संकट गहराता चला गया। विदेश में रहते हुए बिना नियमित आय के गुजारा करना उनके लिए मुश्किल हो गया है। परिवार का कहना है कि अब स्थिति ऐसी हो गई है कि उन्हें भोजन और अन्य जरूरी खर्चों को लेकर भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी ने पूरी नहीं की जरूरी प्रक्रिया मामला केवल वेतन नहीं मिलने तक सीमित नहीं है। जानकारी के अनुसार, कंपनी की ओर से दिनेश की भारत वापसी के लिए आवश्यक कानूनी और एग्जिट प्रक्रिया पूरी नहीं की जा रही है। इसके चलते वह चाहकर भी सऊदी अरब से वापस भारत नहीं आ पा रहे हैं। लंबे समय से विदेश में फंसे होने के कारण दिनेश और उनके परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। परिवार चाहता है कि संबंधित स्तर पर हस्तक्षेप कर कंपनी से उनकी बकाया सैलरी दिलाई जाए और भारत वापसी की प्रक्रिया जल्द पूरी कराई जाए। क्षेत्र पंचायत सदस्य ने मुख्यमंत्री से लगाई मदद की गुहार दिनेश की स्थिति को देखते हुए क्षेत्र पंचायत सदस्य ने मामले को प्रशासन के सामने उठाया है। उन्होंने एसडीएम धारचूला के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर दिनेश की मदद और सुरक्षित भारत वापसी की गुहार लगाई है। ज्ञापन में दिनेश को सऊदी अरब से वापस लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने तथा कंपनी से उनका लंबित वेतन दिलाने की मांग की गई है। साथ ही विदेश में फंसे युवक को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। परिवार को है सुरक्षित वापसी का इंतजार दिनेश के लंबे समय से विदेश में फंसे होने के कारण उनके परिजन भी चिंता में हैं। परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि एक तरफ वेतन नहीं मिल रहा है और दूसरी ओर भारत लौटने की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पा रही है। परिजनों को उम्मीद है कि प्रशासन और सरकार के स्तर से मामले में हस्तक्षेप होने के बाद दिनेश की समस्याओं का समाधान हो सकेगा और उनकी जल्द भारत वापसी सुनिश्चित की जाएगी। विदेश में रोजगार के लिए जाने वालों की मुश्किलें भी आईं सामने यह मामला विदेशों में रोजगार की तलाश में जाने वाले भारतीय श्रमिकों के सामने आने वाली चुनौतियों को भी सामने लाता है। रोजगार के बेहतर अवसर की उम्मीद में बड़ी संख्या में उत्तराखंड समेत देश के अन्य हिस्सों से लोग खाड़ी देशों में काम करने जाते हैं। ऐसे मामलों में वेतन, रोजगार अनुबंध, पासपोर्ट, वीजा और भारत वापसी से जुड़ी प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण हो जाती हैं। फिलहाल दिनेश सिंह धामी का परिवार प्रशासन और सरकार से मदद की उम्मीद कर रहा है। करीब 10 महीने से वेतन नहीं मिलने और भारत वापसी की प्रक्रिया अटके होने के कारण दिनेश की स्थिति गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन और संबंधित अधिकारी मामले में किस स्तर पर कार्रवाई करते हैं और दिनेश की सुरक्षित घर वापसी कब तक हो पाती है।

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