उत्तराखंड

देहरादून में अवैध बस्तियों और अतिक्रमण पर भड़के हिंदू संगठन, बांग्लादेशी व रोहिंग्या लोगों की पहचान कर कार्रवाई की मांग

आइएसबीटी और राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास कथित अवैध बस्तियों का मामला उठाया, नशे, चोरी और बाल भिक्षावृत्ति से जुड़ी शिकायतों की जांच कराने के लिए जिलाधिकारी को सौंपा...
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विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta

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15 अक्टूबर 2026, 05:11 पूर्वाह्न 1 व्यूज 7 मिनट पढ़ें
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स्थान उत्तराखंड
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रिपोर्टर Sanskriti
अपडेट किया गया 3 minutes पहले

आइएसबीटी और राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास कथित अवैध बस्तियों का मामला उठाया, नशे, चोरी और बाल भिक्षावृत्ति से जुड़ी शिकायतों की जांच कराने के लिए जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कथित अवैध बस्तियों के विस्तार, सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। संगठन के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। इसमें शहर में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या लोगों की पहचान करने, उनके दस्तावेजों का सत्यापन कराने तथा नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।

प्रदेश उपाध्यक्ष कृपाल सिंह नेगी के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे कार्यकर्ताओं ने आइएसबीटी और राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास कथित अवैध बस्तियों के विस्तार का मुद्दा उठाया। संगठन ने इन क्षेत्रों में सरकारी भूमि पर कब्जों की शिकायतों की जांच कराने और अतिक्रमण पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि सार्वजनिक भूमि से जुड़े मामलों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए और प्रशासन को शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए।

अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन की मांग

ज्ञापन में संगठन ने देहरादून में कथित तौर पर अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या लोगों की पहचान करने का विषय उठाया। संगठन ने संबंधित विभागों से ऐसे मामलों में पहचान और निवास संबंधी दस्तावेजों की जांच कराने तथा किसी भी तरह की अनियमितता सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।

संगठन का कहना है कि शहर में रहने वाले लोगों के दस्तावेजों का सत्यापन संबंधित नियमों के तहत किया जाना चाहिए। साथ ही, इस प्रक्रिया में प्रशासन और पुलिस के बीच समन्वय स्थापित कर शिकायतों की जांच की जानी चाहिए। हालांकि, ज्ञापन में उल्लिखित लोगों की संख्या या उनकी नागरिकता से संबंधित किसी सत्यापित आंकड़े की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

आइएसबीटी और राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास अतिक्रमण का मुद्दा

प्रदर्शन के दौरान आइएसबीटी और राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास विकसित हो रही कथित अवैध बस्तियों का मामला भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठन ने आरोप लगाया कि इन क्षेत्रों में बस्तियों के विस्तार और सरकारी भूमि पर कब्जों से शहर की छवि प्रभावित हो रही है।

कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से संबंधित क्षेत्रों का निरीक्षण कराने, भूमि के स्वामित्व और निर्माण की वैधता की जांच करने तथा अतिक्रमण की पुष्टि होने पर आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया। सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जों से संबंधित शिकायतों के निस्तारण के लिए प्रभावी कार्रवाई की मांग भी ज्ञापन के माध्यम से की गई।

नशे की खरीद-फरोख्त और चोरी जैसी घटनाओं पर जताई चिंता

संगठन ने ज्ञापन में नशे की खरीद-फरोख्त, चोरी, जेबकतरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों को लेकर भी चिंता व्यक्त की। कार्यकर्ताओं ने आशंका जताई कि कुछ क्षेत्रों में इस तरह की गतिविधियां कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हैं। उन्होंने संबंधित शिकायतों की जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।

संगठन ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों और प्रमुख आवागमन वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके लिए पुलिस की निगरानी, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित जांच जैसे कदमों की आवश्यकता पर जोर दिया गया। हालांकि, इन गतिविधियों में किसी विशेष समुदाय या समूह की संलिप्तता की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

महिलाओं और पर्यटकों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया

ज्ञापन में महिलाओं और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई। संगठन ने छेड़छाड़ की घटनाओं का उल्लेख करते हुए संबंधित शिकायतों की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।

देहरादून में सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और महिलाओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संगठन ने प्रशासन का ध्यान इस विषय की ओर आकर्षित किया। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि कानून-व्यवस्था से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और किसी भी घटना में तथ्यों के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

नाबालिग बच्चों से भिक्षावृत्ति कराने का आरोप

संगठन ने कुछ स्थानों पर नाबालिग बच्चों से कथित तौर पर भिक्षावृत्ति कराए जाने का आरोप भी लगाया। ज्ञापन में इस मामले की जांच कराने और यदि बच्चों से जबरन या गैरकानूनी तरीके से भिक्षावृत्ति कराई जा रही हो, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई।

इस मुद्दे पर बच्चों की सुरक्षा और उनके संरक्षण से जुड़े प्रावधानों के तहत जांच किए जाने की आवश्यकता भी महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों में संबंधित विभागों के समन्वय से बच्चों की स्थिति का पता लगाकर आवश्यक सहायता और संरक्षण उपलब्ध कराया जा सकता है।

जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग

प्रदेश उपाध्यक्ष कृपाल सिंह नेगी के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल ने प्रशासन से अतिक्रमण, दस्तावेजों के सत्यापन, कानून-व्यवस्था और बाल भिक्षावृत्ति से संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई की मांग की। संगठन ने आग्रह किया कि संबंधित मामलों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए और जहां भी कानून का उल्लंघन सामने आए, वहां नियमानुसार कदम उठाए जाएं।

फिलहाल, ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर जिला प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया और किसी कार्रवाई की पुष्टि से संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं है। मामले में प्रशासन की ओर से जांच या कार्रवाई की स्थिति सामने आने के बाद आगे की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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