उत्तराखंड: यूको बैंक खाते में जमा हो रही थी साइबर ठगी की रकम, तेलंगाना समेत कई राज्यों से हुआ लाखों का लेनदेन
Sanskriti
विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta
टनकपुर में साइबर ठगी से जुड़ा मामला उजागर, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर मिली चार शिकायतों की जांच के बाद खाताधारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज
चंपावत। उत्तराखंड के चंपावत जिले के टनकपुर क्षेत्र में साइबर अपराध से जुड़ा एक मामला सामने आया है। यहां स्थित यूको बैंक के एक खाते का इस्तेमाल कथित तौर पर विभिन्न राज्यों के नागरिकों से ठगी गई रकम जमा करने के लिए किया जा रहा था। मामले में तेलंगाना समेत कई राज्यों से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपित खाताधारक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
साइबर सेल से मिली चार शिकायतों की जांच
जानकारी के अनुसार, कोतवाली टनकपुर में तैनात उपनिरीक्षक जितेंद्र सिंह बिष्ट को साइबर सेल चंपावत और समन्वय पोर्टल के माध्यम से राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज चार शिकायतों की जांच सौंपी गई थी।
जांच के दौरान संबंधित बैंक खाते में विभिन्न राज्यों से जुड़े लेनदेन की जानकारी सामने आई। शिकायतों के आधार पर खाते के इस्तेमाल और उसमें जमा हुई संदिग्ध रकम की जांच की गई। पुलिस को संदेह है कि खाते का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को जमा करने के लिए किया जा रहा था।
अलग-अलग राज्यों से जुड़े लेनदेन की जांच
इस मामले में तेलंगाना सहित कई राज्यों से जुड़े वित्तीय लेनदेन का उल्लेख किया गया है। इससे जांच का दायरा एक राज्य तक सीमित नहीं रह गया है। साइबर अपराध की शिकायतों में अक्सर ठगी करने वाले अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से रकम स्थानांतरित करते हैं, जिससे वास्तविक आरोपितों तक पहुंचना जांच एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में संबंधित खाते में जमा हुई कुल रकम, लेनदेन की सटीक संख्या और शिकायतकर्ताओं की पहचान का विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है। इन तथ्यों की पुष्टि जांच से ही हो सकेगी।
खाताधारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपित खाताधारक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है। यह धारा धोखाधड़ी करके किसी व्यक्ति को संपत्ति सौंपने या मूल्यवान प्रतिभूति बनाने, बदलने अथवा नष्ट करने के लिए बेईमानी से प्रेरित करने से संबंधित है।
मुकदमा दर्ज होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। बैंक खाते से जुड़े लेनदेन और साइबर शिकायतों के बीच संबंध की पड़ताल इस मामले का महत्वपूर्ण पहलू है।
साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्कता जरूरी
साइबर अपराध के मामलों में लोगों को अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी निवेश योजनाओं और बैंक संबंधी जानकारी मांगने वाले संदेशों से सावधान रहने की जरूरत है। किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक खाते, ओटीपी या अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे जल्द से जल्द राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए और आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। समय पर शिकायत करने से संदिग्ध लेनदेन पर कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है।
फिलहाल, टनकपुर के यूको बैंक खाते से जुड़े इस मामले में पुलिस ने चार साइबर शिकायतों की जांच के आधार पर खाताधारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले में कुल रकम, लेनदेन के पूरे विवरण और अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों को लेकर आगे की जांच महत्वपूर्ण होगी।