दीपक हत्याकांड: इंटरनेट पर हुई दोस्ती, 28 साल की उम्र का अंतर और घटनास्थल के हालात बने जांच का केंद्र
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विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta
देहरादून: दीपक गुप्ता हत्याकांड में पुलिस कई अहम पहलुओं की गहन जांच कर रही है। शुरुआती जांच में इंटरनेट पर हुई दोस्ती, दोनों के बीच 28 साल का उम्र का अंतर और घटनास्थल से मिले साक्ष्य सबसे महत्वपूर्ण कड़ियां मानी जा रही हैं। पुलिस का मानना है कि इन तीनों पहलुओं की सच्चाई सामने आने पर हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और दोनों के संबंधों की प्रकृति स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस जांच के अनुसार, मृतक दीपक गुप्ता और आरोपी रोहन प्रजापति की पहचान इंटरनेट के माध्यम से हुई थी, जो समय के साथ दोस्ती में बदल गई। बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन दीपक ने ही रोहन को अपने घर बुलाया था।
घटनास्थल की स्थिति ने भी कई सवाल खड़े किए हैं। पुलिस के मुताबिक, देवऋषि एन्क्लेव स्थित कमरे में दीपक का शव चाकुओं से गोदा हुआ मिला। कमरे से मिले साक्ष्य और वहां की परिस्थितियों के आधार पर जांच कई संभावित एंगल से की जा रही है। फिलहाल पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की पुष्टि कर रही है।
पूछताछ में आरोपी रोहन ने बताया कि वह एक निजी शिक्षण संस्थान में बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र है। वहीं, दीपक गुप्ता ब्याज और ऑनलाइन ट्रेडिंग का कार्य करते थे। दोनों की उम्र और पेशे में बड़ा अंतर होने के कारण पुलिस उनके संबंधों की प्रकृति की भी जांच कर रही है।
पुलिस ने यह भी बताया कि दीपक का लगभग सात से आठ वर्ष पहले अपनी पत्नी से तलाक हो चुका था। वह मूल रूप से लखनऊ के निवासी थे और वर्ष 2004 से अपने भाई-बहनों के साथ देहरादून में रह रहे थे। इसी दौरान उनकी रोहन से ऑनलाइन पहचान हुई थी।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के कारणों और पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।