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देहरादून के Defence Research School में बदलाव पर हंगामा: छात्रों और अभिभावकों ने किया विरोध

देहरादून। Dehradun के Defence Research School में अचानक किए गए बदलावों को लेकर गुरुवार को छात्रों और अभिभावकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। स्कूल प्रबंधन में हुए बदलाव...
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विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta

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23 अप्रैल 2026, 07:01 पूर्वाह्न 2 व्यूज 3 मिनट पढ़ें
त्वरित सारांश
स्थान देहरादूनrrrr
पढ़ने का समय 3 मिनट
रिपोर्टर Sanskriti
अपडेट किया गया 6 months पहले

देहरादून। Dehradun के Defence Research School में अचानक किए गए बदलावों को लेकर गुरुवार को छात्रों और अभिभावकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। स्कूल प्रबंधन में हुए बदलाव और नए नियमों से नाराज अभिभावकों ने स्कूल परिसर के बाहर हंगामा किया।


  अचानक बदलाव से बढ़ा विवाद

जानकारी के अनुसार, सुंदरवाला विज्ञान विहार स्थित इस स्कूल का प्रबंधन डीएवी पब्लिक स्कूल को सौंप दिया गया है। इस फैसले के बाद अभिभावकों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई।

  • नए सत्र के लिए पहले ही किताबें और यूनिफॉर्म खरीदी जा चुकी थीं
  • अब नए नियमों के तहत इन्हें बदलने की बात कही जा रही है
  • साथ ही फीस स्ट्रक्चर में भी बदलाव किया गया है

  छात्रों और अभिभावकों का विरोध

इन बदलावों से नाराज छात्रों और अभिभावकों ने स्कूल गेट पर प्रदर्शन किया।

  • छात्रों ने गेट पर लगे DAV Public School के पोस्टर फाड़ दिए
  • अभिभावकों ने फैसले को “अचानक और अव्यवस्थित” बताया
  • उन्होंने स्कूल प्रबंधन से स्पष्ट जानकारी और समाधान की मांग की

 अभिभावकों की मुख्य चिंताएं

अभिभावकों का कहना है कि:

  • बिना पूर्व सूचना के स्कूल का मर्जर कर दिया गया
  • बच्चों की पढ़ाई और सत्र प्रभावित हो सकता है
  • फीस और अन्य खर्च अचानक बढ़ सकते हैं

उनका यह भी कहना है कि इस तरह के फैसले लेने से पहले अभिभावकों से चर्चा की जानी चाहिए थी।


  प्रबंधन पर उठे सवाल

इस पूरे मामले में स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

  • पारदर्शिता की कमी
  • अचानक लिए गए निर्णय
  • छात्रों पर पड़ने वाले प्रभाव को नजरअंदाज करना

इन सभी मुद्दों को लेकर अभिभावकों में नाराजगी साफ दिखाई दी।


  निष्कर्ष

Defence Research School में हुए बदलावों ने छात्रों और अभिभावकों के बीच असंतोष पैदा कर दिया है। यह मामला सिर्फ एक स्कूल का नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और संवाद की जरूरत को भी उजागर करता है।

अब देखना होगा कि प्रशासन और स्कूल प्रबंधन इस विवाद को कैसे सुलझाते हैं और छात्रों के हितों को किस तरह प्राथमिकता देते हैं।

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