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देहरादून। मौसम विभाग का अनुमान या भविष्यवाणी ठीक रही तो इस साल जल्द होगी बरसात

देहरादून। मौसम विभाग का अनुमान या भविष्यवाणी ठीक रही तो इस साल Monsoon के दौरान बारिश बढ़िया होगी।ये सामान्य से अधिक हो सकती है। मौसम विभाग के निदेशक...
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विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta

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25 अप्रैल 2024, 02:19 अपराह्न 3 व्यूज 3 मिनट पढ़ें
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रिपोर्टर Uttarakhand Ekta
अपडेट किया गया 2 years पहले

देहरादून। मौसम विभाग का अनुमान या भविष्यवाणी ठीक रही तो इस साल Monsoon के दौरान बारिश बढ़िया होगी।ये सामान्य से अधिक हो सकती है।

मौसम विभाग के निदेशक डॉ. बिक्रम सिंह के अनुसार भविष्यवाणी के ठीक रहने की संभावनाएं 60 फीसदी से अधिक है।सभी विभागों को इसे ध्यान में रखते हुए अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर देनी चाहिए। अगर ऐसा हुआ तो उत्तराखंड का मौसम इस बार न सिर्फ सुहावना रहेगा बल्कि लोगों को गर्मी से भी निजात दिलाएगा।

उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने मानसून की तैयारियों को लेकर विभिन्न विभागों के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया.डॉ. बिक्रम ने कहा कि मौसम विभाग महकमों को मौसम पर लगातार एलर्ट भेजता है। इसका अनुपालन किया जाए तो आपदाओं के प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है.विभागों को समय रहते अपनी-अपनी तैयारियां कर लेनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि विभाग मौसम की रियल टाइम मॉनीटरिंग भी कर रहा है। इससे काफी हद तक सटीक पूर्वानुमान लगाना संभव है। मौसम विशेषज्ञ रोहित थपलियाल ने बताया कि मौसम विभाग की वेबसाइट पर मौसम की पल-पल की जानकारी मौजूद है. उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र (ULMLC) के निदेशक डॉ. शांतनु सरकार ने कहा कि राज्य में भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में बरसात के दौरान सतर्क रहने की जरूरत है। ऐसे सभी क्षेत्रों के लिए न्यूनीकरण एवं प्रबंधन उपायों में संबंधित विभाग तेजी लाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रोड पर शेल्टर्स (एक तरह की सुरंग) बनाना अच्छा विकल्प है। इससे मलबा शेल्टर के ऊपर गिरेगा. उसके नीचे यातायात सामान्य रूप से चलता रहेगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. विमलेश जोशी तथा मौसम विशेषज्ञ डॉ. पूजा राणा ने आकाशीय बिजली से बचाव पर कहा कि जब बिजली कड़क रही हो, उस समय न तो नहाना चाहिए और न ही बर्तन धोने चाहिए।

उन्होंने बताया कि किसी पेड़ के नीचे खड़े रहना या बिजली अथवा किसी अन्य पोल के सहारे खड़ा रहना खतरनाक हो सकता है। यदि बोटिंग या स्वीमिंग कर रहे हों तो पानी से बाहर आना जरूरी है। USDMA प्रभारी राहुल जुगरान ने मानसून तथा चारधाम यात्रा को लेकर विभाग की तैयारियों के बारे में बताया। प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास विशेषज्ञ जेसिका टेरोन, आईईसी विशेषज्ञ मनीष भगत,सभी जिलों के DDMO, CMO,PWD, शिक्षा, वन, उद्यान, पंचायती राज विभाग, पिट्कुल,NDRF-SDRF, पुलिस विभाग के अधिकारियों ने Training में शिरकत की।

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