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Dehradun News: सुप्रिया श्रीनेत का BJP पर हमला, नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर उठाए सवाल

मुख्य खबर (Lead) Supriya Shrinate ने देहरादून में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं...
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विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta

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21 अप्रैल 2026, 10:36 पूर्वाह्न 0 व्यूज 3 मिनट पढ़ें
त्वरित सारांश
स्थान उत्तराखंड
पढ़ने का समय 3 मिनट
रिपोर्टर Sanskriti
अपडेट किया गया 6 months पहले

मुख्य खबर (Lead)

Supriya Shrinate ने देहरादून में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के मुद्दों पर गंभीर नहीं है और सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए इस कानून का इस्तेमाल कर रही है।


  देहरादून में कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस

देहरादून पहुंची कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के साथ कांग्रेस भवन में प्रेस वार्ता की।

  • प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाए
  • नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर सरकार को घेरा
  • महिलाओं के अधिकारों पर राजनीति करने का आरोप लगाया

  नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर क्या बोलीं श्रीनेत

सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि:

  • सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के नाम पर सिर्फ दिखावा कर रही है
  • अधिनियम को सही तरीके से लागू करने की मंशा स्पष्ट नहीं है
  • भाजपा महिलाओं के मुद्दों को राजनीतिक हथियार बना रही है

यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में इस कानून को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।


  राजनीतिक माहौल गरम

उत्तराखंड में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर सियासत लगातार तेज हो रही है:

  • एक तरफ भाजपा इसे ऐतिहासिक कदम बता रही है
  • दूसरी तरफ कांग्रेस इसकी मंशा और लागू करने के तरीके पर सवाल उठा रही है

हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा था कि इस बिल का विरोध “नारी शक्ति का अपमान” है।


  क्या है नारी शक्ति वंदन अधिनियम

  • महिलाओं को राजनीति में आरक्षण देने से जुड़ा कानून
  • लोकसभा और विधानसभाओं में 33% आरक्षण का प्रावधान
  • महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने का उद्देश्य

  राजनीतिक असर

विशेषज्ञों का मानना है कि:

  • यह मुद्दा आगामी चुनावों में बड़ा राजनीतिक हथियार बन सकता है
  • महिलाओं के वोट बैंक को प्रभावित करने की कोशिश तेज हो गई है
  • राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बयानबाजी और तेज होने की संभावना है

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Dehradun News: कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर भाजपा पर हमला बोला। जानें प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें और राजनीतिक असर।


  निष्कर्ष

देहरादून में हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद साफ है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम अब सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में इस पर और तेज बहस देखने को मिल सकती है।

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धारचूला। रोजगार की तलाश में सऊदी अरब गए उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के धारचूला विकासखंड के ग्राम खेला निवासी दिनेश सिंह धामी पिछले करीब 10 माह से विदेश में फंसे हुए हैं। परिजनों के अनुसार, दिनेश को लंबे समय से कंपनी की ओर से वेतन नहीं दिया गया है। आर्थिक संकट के बीच अब उनके सामने खाने-पीने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की भी समस्या खड़ी हो गई है। बताया जा रहा है कि कंपनी की ओर से आवश्यक एग्जिट प्रक्रिया पूरी नहीं किए जाने के कारण दिनेश भारत वापस नहीं लौट पा रहे हैं। लंबे समय से सऊदी अरब में फंसे होने के कारण परिवार भी परेशान है और लगातार उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है। 10 महीने से वेतन का इंतजार दिनेश रोजगार के सिलसिले में सऊदी अरब गए थे। वहां काम शुरू करने के बाद कुछ समय तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में कंपनी ने उनका वेतन रोक दिया। देखते ही देखते कई महीने बीत गए और करीब 10 माह से उन्हें वेतन नहीं मिला। वेतन नहीं मिलने के कारण दिनेश के सामने आर्थिक संकट गहराता चला गया। विदेश में रहते हुए बिना नियमित आय के गुजारा करना उनके लिए मुश्किल हो गया है। परिवार का कहना है कि अब स्थिति ऐसी हो गई है कि उन्हें भोजन और अन्य जरूरी खर्चों को लेकर भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी ने पूरी नहीं की जरूरी प्रक्रिया मामला केवल वेतन नहीं मिलने तक सीमित नहीं है। जानकारी के अनुसार, कंपनी की ओर से दिनेश की भारत वापसी के लिए आवश्यक कानूनी और एग्जिट प्रक्रिया पूरी नहीं की जा रही है। इसके चलते वह चाहकर भी सऊदी अरब से वापस भारत नहीं आ पा रहे हैं। लंबे समय से विदेश में फंसे होने के कारण दिनेश और उनके परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। परिवार चाहता है कि संबंधित स्तर पर हस्तक्षेप कर कंपनी से उनकी बकाया सैलरी दिलाई जाए और भारत वापसी की प्रक्रिया जल्द पूरी कराई जाए। क्षेत्र पंचायत सदस्य ने मुख्यमंत्री से लगाई मदद की गुहार दिनेश की स्थिति को देखते हुए क्षेत्र पंचायत सदस्य ने मामले को प्रशासन के सामने उठाया है। उन्होंने एसडीएम धारचूला के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर दिनेश की मदद और सुरक्षित भारत वापसी की गुहार लगाई है। ज्ञापन में दिनेश को सऊदी अरब से वापस लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने तथा कंपनी से उनका लंबित वेतन दिलाने की मांग की गई है। साथ ही विदेश में फंसे युवक को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। परिवार को है सुरक्षित वापसी का इंतजार दिनेश के लंबे समय से विदेश में फंसे होने के कारण उनके परिजन भी चिंता में हैं। परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि एक तरफ वेतन नहीं मिल रहा है और दूसरी ओर भारत लौटने की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पा रही है। परिजनों को उम्मीद है कि प्रशासन और सरकार के स्तर से मामले में हस्तक्षेप होने के बाद दिनेश की समस्याओं का समाधान हो सकेगा और उनकी जल्द भारत वापसी सुनिश्चित की जाएगी। विदेश में रोजगार के लिए जाने वालों की मुश्किलें भी आईं सामने यह मामला विदेशों में रोजगार की तलाश में जाने वाले भारतीय श्रमिकों के सामने आने वाली चुनौतियों को भी सामने लाता है। रोजगार के बेहतर अवसर की उम्मीद में बड़ी संख्या में उत्तराखंड समेत देश के अन्य हिस्सों से लोग खाड़ी देशों में काम करने जाते हैं। ऐसे मामलों में वेतन, रोजगार अनुबंध, पासपोर्ट, वीजा और भारत वापसी से जुड़ी प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण हो जाती हैं। फिलहाल दिनेश सिंह धामी का परिवार प्रशासन और सरकार से मदद की उम्मीद कर रहा है। करीब 10 महीने से वेतन नहीं मिलने और भारत वापसी की प्रक्रिया अटके होने के कारण दिनेश की स्थिति गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन और संबंधित अधिकारी मामले में किस स्तर पर कार्रवाई करते हैं और दिनेश की सुरक्षित घर वापसी कब तक हो पाती है।

53 minutes पहले • 2 व्यूज व्यूज