हवाला लेनदेन मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई: दून, ऋषिकेश और दिल्ली में छापे, लाखों की विदेशी मुद्रा बरामद
देहरादून: हवाला लेनदेन और विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन के संदेह में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने देहरादून, ऋषिकेश और दिल्ली में एक साथ बड़ी कार्रवाई की। विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत की गई इस छापेमारी में कई लाइसेंसधारी मनी एक्सचेंज कंपनियों और उनसे जुड़ी संस्थाओं के कार्यालयों से लाखों रुपये की विदेशी और भारतीय मुद्रा के साथ महत्वपूर्ण दस्तावेज व डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं।
ईडी के अनुसार, गोपनीय सूचना मिली थी कि विदेशी पर्यटकों की मुद्रा बदलने वाली कुछ फुल-फ्लेज्ड मनी चेंजर्स (FFMC), उनकी फ्रेंचाइजी और संबद्ध संस्थाएं फेमा तथा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए अनधिकृत विदेशी मुद्रा लेनदेन कर रही थीं। जांच में हवाला नेटवर्क से जुड़े होने की भी आशंका जताई गई है।
88 लाख रुपये से अधिक की मुद्रा बरामद
छापेमारी के दौरान विभिन्न देशों की विदेशी मुद्राएं, जिनमें अमेरिकी डॉलर, यूरो, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और थाई भात शामिल हैं, बरामद की गईं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 54.58 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा 33.98 लाख रुपये की भारतीय नकदी भी जब्त की गई। कुल मिलाकर लगभग 88.5 लाख रुपये मूल्य की विदेशी और भारतीय मुद्रा बरामद हुई है।
कई कंपनियों और संचालकों के ठिकानों पर कार्रवाई
ईडी ने गंगा फॉरेक्स प्राइवेट लिमिटेड, जेपीजेएन फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, अल्पाइन फॉरेक्स प्राइवेट लिमिटेड, जय जीन फॉरेक्स प्राइवेट लिमिटेड सहित इनसे जुड़ी इकाइयों जेपीजेएन जेम्स यूनिट और विंटेज इंडिया के कार्यालयों पर तलाशी अभियान चलाया। इसके अलावा संबंधित संचालकों के आवासों पर भी कार्रवाई की गई।
रिकॉर्ड और केवाईसी में मिली अनियमितताएं
जांच के दौरान कई कार्यालयों में विदेशी मुद्रा खरीद-बिक्री से जुड़े केवाईसी दस्तावेज, ग्राहकवार रिकॉर्ड, क्रय रजिस्टर और एनकैशमेंट प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं मिले। ईडी का कहना है कि यह आरबीआई के मनी चेंजिंग नियमों का गंभीर उल्लंघन है। प्रारंभिक जांच में विदेशी मुद्रा के वास्तविक स्टॉक और रिकॉर्ड में दर्ज आंकड़ों के बीच भी बड़ा अंतर पाया गया है।
हवाला नेटवर्क की जांच जारी
ईडी के अनुसार, जब्त दस्तावेजों, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच की जा रही है। शुरुआती साक्ष्यों से संकेत मिले हैं कि देश के भीतर सहयोगियों और विदेशों में मौजूद संपर्कों के जरिए अंतरराष्ट्रीय हवाला लेनदेन संचालित किए जा रहे थे। जांच एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और संभावित नियम उल्लंघनों की गहराई से जांच कर रही है।







