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उत्तराखंड: पीएम राहत योजना का सिर्फ सात घायलों को मिला लाभ, चार महीनों में सड़क हादसों में 406 लोग घायल

देहरादून। उत्तराखंड में सड़क हादसों में घायल लोगों के इलाज के लिए लागू पीएम राहत योजना का लाभ अभी बेहद कम लोगों तक पहुंच पाया है। फरवरी 2026...
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विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta

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27 जुलाई 2026, 05:03 पूर्वाह्न 1 व्यूज 3 मिनट पढ़ें
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स्थान उत्तराखंड
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रिपोर्टर UK News
अपडेट किया गया 3 months पहले

देहरादून। उत्तराखंड में सड़क हादसों में घायल लोगों के इलाज के लिए लागू पीएम राहत योजना का लाभ अभी बेहद कम लोगों तक पहुंच पाया है। फरवरी 2026 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक राज्य में केवल सात घायलों का निशुल्क इलाज हो सका है। जबकि मार्च से जून के बीच प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में 406 लोग घायल हुए हैं।

सात दिन तक डेढ़ लाख रुपये तक निशुल्क इलाज

योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को आयुष्मान जैसी स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़े नामित अस्पताल में सात दिनों तक अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक का इलाज निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है।

यदि घायल को किसी ऐसे अस्पताल में भर्ती कराया जाता है जो योजना से जुड़ा नहीं है, तो अस्पताल उसे अधिकतम 48 घंटे तक स्थिर करने के बाद नामित अस्पताल में स्थानांतरित करेगा। योजना का लाभ देने के लिए पुलिस की ओर से दुर्घटना और घायल व्यक्ति का सत्यापन भी आवश्यक है।

514 सड़क हादसों में 281 लोगों की मौत

परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, मार्च से जून 2026 के बीच उत्तराखंड में 514 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इनमें 406 लोग घायल हुए, जबकि 281 लोगों की जान चली गई।

इसके बावजूद पीएम राहत योजना के तहत केवल 17 घायलों के मामलों में प्रक्रिया शुरू हो पाई। इनमें सात मामलों में पुलिस से जुड़ी आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। तीन लोग निर्धारित घायल श्रेणी में शामिल नहीं हो पाए।

अंततः केवल सात घायलों को योजना का लाभ मिला। इनका इलाज ऊधम सिंह नगर, देहरादून और चमोली के अस्पतालों में किया गया।

योजना का लाभ बढ़ाने के लिए होगी बैठक

परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा के अनुसार जल्द ही पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों की बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में पीएम राहत योजना की समीक्षा कर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि सड़क हादसों में अधिक से अधिक घायलों को इसका लाभ मिले। योजना के क्रियान्वयन में सामने आ रही कमियों को भी दूर करने पर जोर दिया जाएगा।

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