उत्तराखंड

लोक नृत्य की प्रस्तुति से दर्शक हुए मंत्रमुग्ध, जानें क्या कुछ रहा खास

निर्मल आश्रम ज्ञान दान अकादमी के सभागार में सहोदय अंतर विद्यालयी समूह नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें ऋषिकेश के 16 विद्यालयों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता का...
Uttarakhand Ekta

Uttarakhand Ekta

विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta

शेयर करें:
7 मई 2024, 05:27 अपराह्न 1 व्यूज 3 मिनट पढ़ें
त्वरित सारांश
स्थान उत्तराखंड
पढ़ने का समय 3 मिनट
रिपोर्टर Uttarakhand Ekta
अपडेट किया गया 1 year पहले

निर्मल आश्रम ज्ञान दान अकादमी के सभागार में सहोदय अंतर विद्यालयी समूह नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें ऋषिकेश के 16 विद्यालयों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता का शुभारंभ परम पूजनीय संत बाबा जोध सिंह महाराज, मुख्य अतिथियों एवं निर्णायक मंडल के स्वागत व अभिवादन के साथ हुआ ।

जहां विद्यालय के कप्तान विवेक कुलियाल एवं आशिया रावत तथा जूनियर विंग से हेड गर्ल मान्यता थापा एवं हेड बॉय श्रेष्ठ रणकोटी ने महाराज  एवं मुख्य अतिथियों को पुष्प गुच्छ प्रदान कर उनका सम्मान किया। वहीं महाराज  एवं मुख्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर  प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। वहीं प्रधानाचार्य डॉक्टर सुनीता शर्मा ने अपने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए  विद्यालय की गतिविधियों से सबको अवगत कराया साथ ही प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल की भी घोषणा की ।

सर्वप्रथम आज के मेज़बान एनजीए विद्यालय की महाराष्ट्रीयन लोक नृत्य की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया । विभिन्न प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत की गई, भरतनाट्यम, राजस्थानी, गढ़वाली,जौनसारी, महाराष्ट्रीयन,फ्यूजन डांस कत्थक एवं बिहू लोक नृत्य की प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा गया। आज की समूह नृत्य प्रतियोगिता में एन डी एस स्कूल ने प्रथम,डी एस बी स्कूल ने द्वितीय, रेड फोर्ट स्कूल ने तृतीय एवं एस डी एम स्कूल एवं फुटहिल्स अकादमी ने संयुक्त रूप से चतुर्थ स्थान स्थान प्राप्त किया l सभी विजेता टीमों को महाराज ने ट्रॉफी एवं सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया ।विद्यालय की परंपरा का निर्वहन करते हुए महाराज  ने मुख्य अतिथियों को आशीर्वाद स्वरुप सिरोपा एवं विद्यालय का प्रतीक चिन्ह भेंट किया l

कार्यक्रम में निर्मल आश्रम ज्ञान दान अकादमी के चेयर मैंन एस एन सूरी, चुलानी बम्बई, जुनेजा  देहरादून ,नौबी  राजपुरा सहोदय की अध्यक्ष एवं एन डी एस की प्रधानाचार्य ललिता कृष्णस्वामी, एवं  बाहरी ,एवं मेरियान बाहरी, रेनू सूरी, संगीत शिक्षिका  दीपमाला कोठियाल, गुरजिन्दर सिंह, एवं प्रदीप शर्मा , विनोद बिजलवान, सोहन सिंह कैन्तूरा, सरवजीत कौर, दिनेश पैनुली , समस्त शिक्षक शिक्षिकाएं, प्रशासनिक स्टाफ, कर्मिक स्टॉफ एवं निर्मल आश्रम की विभिन्न संस्थाओं के सदस्य उपस्थित रहे l

और खबरें - उत्तराखंड

सभी देखें ›
उत्तराखंड

धारचूला। रोजगार की तलाश में सऊदी अरब गए उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के धारचूला विकासखंड के ग्राम खेला निवासी दिनेश सिंह धामी पिछले करीब 10 माह से विदेश में फंसे हुए हैं। परिजनों के अनुसार, दिनेश को लंबे समय से कंपनी की ओर से वेतन नहीं दिया गया है। आर्थिक संकट के बीच अब उनके सामने खाने-पीने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की भी समस्या खड़ी हो गई है। बताया जा रहा है कि कंपनी की ओर से आवश्यक एग्जिट प्रक्रिया पूरी नहीं किए जाने के कारण दिनेश भारत वापस नहीं लौट पा रहे हैं। लंबे समय से सऊदी अरब में फंसे होने के कारण परिवार भी परेशान है और लगातार उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है। 10 महीने से वेतन का इंतजार दिनेश रोजगार के सिलसिले में सऊदी अरब गए थे। वहां काम शुरू करने के बाद कुछ समय तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में कंपनी ने उनका वेतन रोक दिया। देखते ही देखते कई महीने बीत गए और करीब 10 माह से उन्हें वेतन नहीं मिला। वेतन नहीं मिलने के कारण दिनेश के सामने आर्थिक संकट गहराता चला गया। विदेश में रहते हुए बिना नियमित आय के गुजारा करना उनके लिए मुश्किल हो गया है। परिवार का कहना है कि अब स्थिति ऐसी हो गई है कि उन्हें भोजन और अन्य जरूरी खर्चों को लेकर भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी ने पूरी नहीं की जरूरी प्रक्रिया मामला केवल वेतन नहीं मिलने तक सीमित नहीं है। जानकारी के अनुसार, कंपनी की ओर से दिनेश की भारत वापसी के लिए आवश्यक कानूनी और एग्जिट प्रक्रिया पूरी नहीं की जा रही है। इसके चलते वह चाहकर भी सऊदी अरब से वापस भारत नहीं आ पा रहे हैं। लंबे समय से विदेश में फंसे होने के कारण दिनेश और उनके परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। परिवार चाहता है कि संबंधित स्तर पर हस्तक्षेप कर कंपनी से उनकी बकाया सैलरी दिलाई जाए और भारत वापसी की प्रक्रिया जल्द पूरी कराई जाए। क्षेत्र पंचायत सदस्य ने मुख्यमंत्री से लगाई मदद की गुहार दिनेश की स्थिति को देखते हुए क्षेत्र पंचायत सदस्य ने मामले को प्रशासन के सामने उठाया है। उन्होंने एसडीएम धारचूला के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर दिनेश की मदद और सुरक्षित भारत वापसी की गुहार लगाई है। ज्ञापन में दिनेश को सऊदी अरब से वापस लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने तथा कंपनी से उनका लंबित वेतन दिलाने की मांग की गई है। साथ ही विदेश में फंसे युवक को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। परिवार को है सुरक्षित वापसी का इंतजार दिनेश के लंबे समय से विदेश में फंसे होने के कारण उनके परिजन भी चिंता में हैं। परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि एक तरफ वेतन नहीं मिल रहा है और दूसरी ओर भारत लौटने की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पा रही है। परिजनों को उम्मीद है कि प्रशासन और सरकार के स्तर से मामले में हस्तक्षेप होने के बाद दिनेश की समस्याओं का समाधान हो सकेगा और उनकी जल्द भारत वापसी सुनिश्चित की जाएगी। विदेश में रोजगार के लिए जाने वालों की मुश्किलें भी आईं सामने यह मामला विदेशों में रोजगार की तलाश में जाने वाले भारतीय श्रमिकों के सामने आने वाली चुनौतियों को भी सामने लाता है। रोजगार के बेहतर अवसर की उम्मीद में बड़ी संख्या में उत्तराखंड समेत देश के अन्य हिस्सों से लोग खाड़ी देशों में काम करने जाते हैं। ऐसे मामलों में वेतन, रोजगार अनुबंध, पासपोर्ट, वीजा और भारत वापसी से जुड़ी प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण हो जाती हैं। फिलहाल दिनेश सिंह धामी का परिवार प्रशासन और सरकार से मदद की उम्मीद कर रहा है। करीब 10 महीने से वेतन नहीं मिलने और भारत वापसी की प्रक्रिया अटके होने के कारण दिनेश की स्थिति गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन और संबंधित अधिकारी मामले में किस स्तर पर कार्रवाई करते हैं और दिनेश की सुरक्षित घर वापसी कब तक हो पाती है।

44 minutes पहले • 2 व्यूज व्यूज