अल्मोड़ा के रानीखेत में भारत-यूएई का ‘माउंटेन गार्डियन-2026’ सैन्य अभ्यास शुरू, महिला सैनिक भी लेंगी हिस्सा
Sanskriti
विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta
अल्मोड़ा। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के रानीखेत में भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘माउंटेन गार्डियन-2026’ शुरू हो गया है। पर्वतीय क्षेत्र में सैन्य अभियानों की क्षमता और दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित यह अभ्यास विशेष रूप से माउंटेन वारफेयर यानी पर्वतीय युद्ध पर केंद्रित है।
अभ्यास में भारत और यूएई की सैन्य टुकड़ियां संयुक्त रूप से विभिन्न सैन्य गतिविधियों में हिस्सा लेंगी। इस दौरान कठिन पर्वतीय इलाकों में अभियान चलाने, चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सामरिक संचालन और एक-दूसरे के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर दिया जाएगा।
पर्वतीय युद्ध कौशल पर रहेगा विशेष फोकस
रानीखेत का पहाड़ी और चुनौतीपूर्ण भूभाग इस सैन्य अभ्यास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अभ्यास के दौरान दोनों देशों के सैनिक पर्वतीय परिस्थितियों में अभियान संचालन से जुड़ी तकनीकों और प्रक्रियाओं का संयुक्त रूप से अभ्यास करेंगे।
इसमें कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सैनिकों की आवाजाही, सामरिक योजना, निगरानी, टीमवर्क और आपसी संचार जैसी गतिविधियां शामिल हो सकती हैं। संयुक्त प्रशिक्षण से दोनों देशों के सैनिकों को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली और सैन्य प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिलेगा।
महिला अधिकारी और सैनिक भी होंगी शामिल
‘माउंटेन गार्डियन-2026’ की एक खास बात यह है कि भारत और यूएई की महिला अधिकारी एवं महिला सैनिक भी अभ्यास में हिस्सा ले रही हैं। इससे दोनों देशों की सेनाओं में महिलाओं की बढ़ती भूमिका भी सामने आती है।
महिला सैन्यकर्मियों की भागीदारी के साथ यह अभ्यास सैन्य सहयोग के साथ-साथ दोनों देशों के बीच पेशेवर अनुभवों के आदान-प्रदान का भी माध्यम बनेगा।
भारत-यूएई रक्षा सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
भारत और यूएई के बीच पिछले कुछ वर्षों में रक्षा और सुरक्षा सहयोग को लगातार बढ़ाया गया है। संयुक्त सैन्य अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं को एक-दूसरे के साथ काम करने और संयुक्त अभियानों के लिए आवश्यक समन्वय विकसित करने का अवसर देते हैं।
‘माउंटेन गार्डियन-2026’ भी इसी सहयोग की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। पर्वतीय युद्ध पर विशेष ध्यान दिए जाने के कारण यह अभ्यास दोनों सेनाओं के लिए अलग तरह का प्रशिक्षण अनुभव प्रदान करेगा।
रानीखेत में सैन्य गतिविधियों से बढ़ी हलचल
अल्मोड़ा का रानीखेत लंबे समय से सैन्य गतिविधियों और प्रशिक्षण के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है। यहां भारतीय सेना की मौजूदगी और पहाड़ी भूभाग के कारण पर्वतीय प्रशिक्षण के लिए उपयुक्त परिस्थितियां उपलब्ध हैं।
भारत और यूएई के सैनिकों के संयुक्त अभ्यास से क्षेत्र में सैन्य प्रशिक्षण गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला है। अभ्यास के दौरान सैनिक निर्धारित प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत अलग-अलग सैन्य गतिविधियों में हिस्सा लेंगे।
आपसी अनुभव साझा करेंगे दोनों देशों के सैनिक
संयुक्त अभ्यास का एक प्रमुख उद्देश्य दोनों देशों के सैन्यकर्मियों के बीच अनुभव और विशेषज्ञता का आदान-प्रदान भी है। अलग-अलग परिस्थितियों में काम करने वाले सैनिक जब संयुक्त प्रशिक्षण में हिस्सा लेते हैं तो उन्हें एक-दूसरे की रणनीति, उपकरणों के उपयोग और संचालन प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिलता है।
‘माउंटेन गार्डियन-2026’ के जरिए भारत और यूएई की सेनाएं पर्वतीय क्षेत्र में संयुक्त रूप से काम करने की अपनी क्षमता को और मजबूत करने पर ध्यान देंगी। साथ ही यह अभ्यास दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को आगे बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभा सकता है।