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Judicial Exam: साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित करें और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखें छात्र, विशेषज्ञों ने दिए टिप्स

IPU Law Students Orientation: गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपीयू) में न्यायिक परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों को टिप्स मिले। इसके लिए आईपीयू के इंटर्नशिप और प्लेसमेंट सेल,...
Uttarakhand Ekta

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विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta

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27 अप्रैल 2025, 07:10 पूर्वाह्न 4 व्यूज 3 मिनट पढ़ें
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स्थान उत्तराखंड
पढ़ने का समय 3 मिनट
रिपोर्टर Uttarakhand Ekta
अपडेट किया गया 2 years पहले

IPU Law Students Orientation: गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपीयू) में न्यायिक परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों को टिप्स मिले। इसके लिए आईपीयू के इंटर्नशिप और प्लेसमेंट सेल, यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज ने न्यायिक परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एक ओरिएंटेशन सत्र आयोजित किया गया। इसमें छात्रों को पूर्व छात्रों से कोचिंग और कॉलेज के बीच संतुलन बनाने और साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित करने और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने की सलाह मिली।

न्यायिक सेवा 2023 में रैंक-1 प्राप्त करने वाली समृद्धि तलवार ने छात्रों का दिया मार्गदर्शन

सत्र में दिल्ली न्यायिक सेवा 2023 में ऑल इंडिया में नंबर एक रैंक प्राप्त करने वाली व आईपीयू के बीबीए-एलएलबी की 2017-22 की छात्र समृद्धि तलवार और दिल्ली न्यायिक सेवा 2023 में ऑल इंडिया 14 वीं रैंक हासिल करने वाली व आईपीयू के बीबीए-एलएलबी 2014-19 बैच की राघवी गोविल ने छात्रों का मार्गदर्शन किया।

यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज की डीन प्रोफेसर डॉ. क्वीनी प्रधान ने इस सत्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर वक्ताओं की उपलब्धियों के बारे में बताया गया, जिसमें राजस्थान न्यायपालिका में उनकी पूर्व रैंक और दिल्ली न्यायपालिका में उनकी सफलता पर प्रकाश डाला गया।

मानसिक स्वास्थ्य और अनुशासन का तालमेल

राघवी गोविल ने छात्रों को लॉ स्कूल में अनिश्चितता से लेकर न्यायपालिका परीक्षाओं के लिए अनुशासित तैयारी तक की अपनी यात्रा साझा की। न्यायिक परीक्षा पास करने के लिए मूल अधिनियमों को समझने, पिछले वर्षों के पेपर हल करने और साक्षात्कार के दौरान प्रामाणिक होने के महत्व पर जोर दिया। समृद्धि तलवार ने असफल प्रयासों से लेकर अंतत: शीर्ष रैंक तक पहुंचने तक के सफर को साझा किया।

उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय सीमित, केंद्रित संसाधनों, निरंतर अभ्यास फ्लैशकार्ड के उपयोग, आत्म-जागरूकता और अभ्यास परीक्षणों और अध्ययन योजनाओं सहित जागरूक तैयारी रणनीतियों को दिया। प्रश्नोत्तर सत्र में दोनों पूर्व छात्रों ने कोचिंग और कॉलेज के बीच संतुलन बनाने, साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित करने और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने पर जोर दिया। सत्र का समापन डॉ ज़ुबैर अहमद खान के समापन भाषण के साथ हुआ।

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