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KGMU: कोविशील्ड लगवाने वालों को अब डरने की जरूरत नहीं, केजीएमयू ने शोध पत्रों का विश्लेषण करते हुए बताया

केजीएमयू के न्यूरोलॉजी विभाग ने देश भर में कोविशील्ड वैक्सीन के दुष्प्रभावों पर अध्ययन किया है। न्यूरोलॉजी इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह वैक्सीन लगाने वालों को...
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विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta

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4 मई 2024, 07:07 पूर्वाह्न 0 व्यूज 2 मिनट पढ़ें
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रिपोर्टर Uttarakhand Ekta
अपडेट किया गया 1 year पहले

केजीएमयू के न्यूरोलॉजी विभाग ने देश भर में कोविशील्ड वैक्सीन के दुष्प्रभावों पर अध्ययन किया है। न्यूरोलॉजी इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह वैक्सीन लगाने वालों को अब दो साल बाद ब्लड क्लाटिंग, दिल का दौरा पड़ने और न्यूरो से संबंधित बीमारियों की कोई आशंका नहीं है।

वैक्सीन लगने के दो हफ्ते के अंदर ही देशभर में करोड़ों लोगों में से महज 136 लोगों को कुछ परेशानी हुई थी। केजीएमयू न्यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. आरके गर्ग के निर्देशन में यह अध्ययन किया गया।

डॉ. गर्ग ने कहा कि जून 2022 तक 1,97,34,08,500 डोज कोविड वैक्सीन दी गईं। इनमें से अधिकांश को कोविशील्ड वैक्सीन दी गई थी। विभाग के डॉ. हरदीप सिंह मल्होत्रा, डॉ. इमरान रिजवी और डॉ. बालेंद्र प्रताप सिंह ने वैक्सीन के दुष्प्रभाव पर प्रकाशित शोध पत्रों का अध्ययन किया।

दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और केरल में अधिक मामले सामने आए। ये परेशानियां वैक्सीन देने के दो सप्ताह के अंदर हुई हैं। दो साल बाद वैक्सीन के दुष्प्रभाव बहुत कम हैं।

 

 

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