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किच्छा चुनाव मतगणना: सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, ड्रोन और 550 पुलिसकर्मी तैनात

किच्छा। नगर पालिका किच्छा और सिरौली कलां की मतगणना को लेकर पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। मतगणना के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति...
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विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta

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7 अक्टूबर 2026, 05:31 पूर्वाह्न 1 व्यूज 5 मिनट पढ़ें
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स्थान उत्तराखंड
पढ़ने का समय 5 मिनट
रिपोर्टर Sanskriti
अपडेट किया गया 15 hours पहले

किच्छा। नगर पालिका किच्छा और सिरौली कलां की मतगणना को लेकर पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। मतगणना के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मतगणना स्थल के साथ-साथ आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था के तहत करीब 550 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

मतगणना स्थल और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी के लिए तीन ड्रोन दस्ते लगाए जाएंगे। ड्रोन के जरिए मतगणना केंद्र के साथ संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर रखी जाएगी, ताकि भीड़ की गतिविधियों और किसी भी संदिग्ध स्थिति पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेगा पुलिस बल

मतगणना के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है। मतगणना केंद्र के मुख्य प्रवेश द्वार, आसपास के मार्गों, पार्किंग क्षेत्र और संवेदनशील स्थानों पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।

पुलिस अधिकारियों की ओर से जवानों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मतगणना स्थल के आसपास अनावश्यक भीड़ जमा न होने दी जाए। किसी भी स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा।

बिना पास के मतगणना स्थल में प्रवेश नहीं

मतगणना केंद्र में प्रवेश के लिए पास की अनिवार्यता रखी गई है। निर्धारित पास के बिना किसी भी व्यक्ति को मतगणना स्थल के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। प्रवेश द्वार पर पुलिसकर्मियों द्वारा पहचान और पास की जांच की जाएगी।

मतगणना प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों, प्रत्याशियों और अधिकृत प्रतिनिधियों के लिए निर्धारित प्रवेश व्यवस्था रहेगी। इससे मतगणना केंद्र के भीतर अनधिकृत लोगों की आवाजाही को रोका जा सकेगा।

तीन ड्रोन दस्ते रखेंगे आसमान से नजर

सुरक्षा व्यवस्था की खास बात तीन ड्रोन दस्तों की तैनाती है। ड्रोन के माध्यम से मतगणना स्थल के अलावा आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी की जाएगी।

किसी स्थान पर अचानक भीड़ बढ़ने, संदिग्ध गतिविधि या कानून-व्यवस्था से जुड़ी स्थिति सामने आने पर ड्रोन से प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस टीम को तत्काल सक्रिय किया जा सकेगा।

संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी

किच्छा और सिरौली कलां में मतगणना को देखते हुए पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित कर वहां विशेष निगरानी की व्यवस्था की है। इन क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ लगातार गश्त भी की जाएगी।

पुलिस की कोशिश रहेगी कि मतगणना के दौरान प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के बीच किसी तरह का विवाद न हो। मतगणना परिणाम सामने आने के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

जीत के बाद जुलूस और भीड़ पर भी नजर

मतगणना परिणाम घोषित होने के बाद समर्थकों की भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखा है। विजय जुलूस या बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने की स्थिति में भी पुलिस की निगरानी रहेगी।

अधिकारियों ने लोगों से मतगणना के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने और बिना पुष्टि के सूचना प्रसारित नहीं करने को कहा गया है।

प्रशासन की पूरी प्रक्रिया पर नजर

मतगणना को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। सुरक्षा बलों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बल को भी सक्रिय किया जा सकेगा।

कुल मिलाकर किच्छा और सिरौली कलां नगर पालिका की मतगणना को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। 550 पुलिसकर्मियों, तीन ड्रोन दस्तों और प्रवेश पास की व्यवस्था के जरिए मतगणना स्थल और संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जाएगी।

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धारचूला। रोजगार की तलाश में सऊदी अरब गए उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के धारचूला विकासखंड के ग्राम खेला निवासी दिनेश सिंह धामी पिछले करीब 10 माह से विदेश में फंसे हुए हैं। परिजनों के अनुसार, दिनेश को लंबे समय से कंपनी की ओर से वेतन नहीं दिया गया है। आर्थिक संकट के बीच अब उनके सामने खाने-पीने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की भी समस्या खड़ी हो गई है। बताया जा रहा है कि कंपनी की ओर से आवश्यक एग्जिट प्रक्रिया पूरी नहीं किए जाने के कारण दिनेश भारत वापस नहीं लौट पा रहे हैं। लंबे समय से सऊदी अरब में फंसे होने के कारण परिवार भी परेशान है और लगातार उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है। 10 महीने से वेतन का इंतजार दिनेश रोजगार के सिलसिले में सऊदी अरब गए थे। वहां काम शुरू करने के बाद कुछ समय तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में कंपनी ने उनका वेतन रोक दिया। देखते ही देखते कई महीने बीत गए और करीब 10 माह से उन्हें वेतन नहीं मिला। वेतन नहीं मिलने के कारण दिनेश के सामने आर्थिक संकट गहराता चला गया। विदेश में रहते हुए बिना नियमित आय के गुजारा करना उनके लिए मुश्किल हो गया है। परिवार का कहना है कि अब स्थिति ऐसी हो गई है कि उन्हें भोजन और अन्य जरूरी खर्चों को लेकर भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी ने पूरी नहीं की जरूरी प्रक्रिया मामला केवल वेतन नहीं मिलने तक सीमित नहीं है। जानकारी के अनुसार, कंपनी की ओर से दिनेश की भारत वापसी के लिए आवश्यक कानूनी और एग्जिट प्रक्रिया पूरी नहीं की जा रही है। इसके चलते वह चाहकर भी सऊदी अरब से वापस भारत नहीं आ पा रहे हैं। लंबे समय से विदेश में फंसे होने के कारण दिनेश और उनके परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। परिवार चाहता है कि संबंधित स्तर पर हस्तक्षेप कर कंपनी से उनकी बकाया सैलरी दिलाई जाए और भारत वापसी की प्रक्रिया जल्द पूरी कराई जाए। क्षेत्र पंचायत सदस्य ने मुख्यमंत्री से लगाई मदद की गुहार दिनेश की स्थिति को देखते हुए क्षेत्र पंचायत सदस्य ने मामले को प्रशासन के सामने उठाया है। उन्होंने एसडीएम धारचूला के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर दिनेश की मदद और सुरक्षित भारत वापसी की गुहार लगाई है। ज्ञापन में दिनेश को सऊदी अरब से वापस लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने तथा कंपनी से उनका लंबित वेतन दिलाने की मांग की गई है। साथ ही विदेश में फंसे युवक को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। परिवार को है सुरक्षित वापसी का इंतजार दिनेश के लंबे समय से विदेश में फंसे होने के कारण उनके परिजन भी चिंता में हैं। परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि एक तरफ वेतन नहीं मिल रहा है और दूसरी ओर भारत लौटने की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पा रही है। परिजनों को उम्मीद है कि प्रशासन और सरकार के स्तर से मामले में हस्तक्षेप होने के बाद दिनेश की समस्याओं का समाधान हो सकेगा और उनकी जल्द भारत वापसी सुनिश्चित की जाएगी। विदेश में रोजगार के लिए जाने वालों की मुश्किलें भी आईं सामने यह मामला विदेशों में रोजगार की तलाश में जाने वाले भारतीय श्रमिकों के सामने आने वाली चुनौतियों को भी सामने लाता है। रोजगार के बेहतर अवसर की उम्मीद में बड़ी संख्या में उत्तराखंड समेत देश के अन्य हिस्सों से लोग खाड़ी देशों में काम करने जाते हैं। ऐसे मामलों में वेतन, रोजगार अनुबंध, पासपोर्ट, वीजा और भारत वापसी से जुड़ी प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण हो जाती हैं। फिलहाल दिनेश सिंह धामी का परिवार प्रशासन और सरकार से मदद की उम्मीद कर रहा है। करीब 10 महीने से वेतन नहीं मिलने और भारत वापसी की प्रक्रिया अटके होने के कारण दिनेश की स्थिति गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन और संबंधित अधिकारी मामले में किस स्तर पर कार्रवाई करते हैं और दिनेश की सुरक्षित घर वापसी कब तक हो पाती है।

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