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किच्छा नगर पालिका चुनाव मतगणना विवाद: मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, सोमवार को सुनवाई संभव

रुद्रपुर। किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव की मतगणना को लेकर चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद एक प्रत्याशी ने...
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विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta

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3 अक्टूबर 2026, 04:53 पूर्वाह्न 3 व्यूज 2 मिनट पढ़ें
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स्थान उत्तराखंड
पढ़ने का समय 2 मिनट
रिपोर्टर Sanskriti
अपडेट किया गया 4 days पहले

रुद्रपुर। किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव की मतगणना को लेकर चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद एक प्रत्याशी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। मामले में सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है।

किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका के लिए 22 सितंबर 2026 को मतदान हुआ था। मतदान के दौरान किच्छा के स्ट्रांग रूम के बाहर कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के समर्थकों के बीच विवाद की स्थिति बनी थी। इसके बाद मौके पर हंगामा भी हुआ।

मतदान के बाद मतपेटियां स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखी गईं, जबकि मतगणना को लेकर विवाद जारी रहा। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से मतगणना स्थगित किए जाने के मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।

बाद में हाईकोर्ट ने किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव की मतगणना तीन सप्ताह के भीतर कराने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद भी मतगणना की प्रक्रिया को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी।

अब कांग्रेस समर्थित सभासद पद की एक प्रत्याशी ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। याचिका पर सोमवार को सुनवाई की संभावना जताई जा रही है। सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के बाद यह स्पष्ट हो सकता है कि दोनों नगर पालिकाओं की मतगणना कब और किस प्रक्रिया के तहत कराई जाएगी।

फिलहाल मतगणना की अंतिम तारीख को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का इंतजार है।

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धारचूला। रोजगार की तलाश में सऊदी अरब गए उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के धारचूला विकासखंड के ग्राम खेला निवासी दिनेश सिंह धामी पिछले करीब 10 माह से विदेश में फंसे हुए हैं। परिजनों के अनुसार, दिनेश को लंबे समय से कंपनी की ओर से वेतन नहीं दिया गया है। आर्थिक संकट के बीच अब उनके सामने खाने-पीने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की भी समस्या खड़ी हो गई है। बताया जा रहा है कि कंपनी की ओर से आवश्यक एग्जिट प्रक्रिया पूरी नहीं किए जाने के कारण दिनेश भारत वापस नहीं लौट पा रहे हैं। लंबे समय से सऊदी अरब में फंसे होने के कारण परिवार भी परेशान है और लगातार उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है। 10 महीने से वेतन का इंतजार दिनेश रोजगार के सिलसिले में सऊदी अरब गए थे। वहां काम शुरू करने के बाद कुछ समय तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में कंपनी ने उनका वेतन रोक दिया। देखते ही देखते कई महीने बीत गए और करीब 10 माह से उन्हें वेतन नहीं मिला। वेतन नहीं मिलने के कारण दिनेश के सामने आर्थिक संकट गहराता चला गया। विदेश में रहते हुए बिना नियमित आय के गुजारा करना उनके लिए मुश्किल हो गया है। परिवार का कहना है कि अब स्थिति ऐसी हो गई है कि उन्हें भोजन और अन्य जरूरी खर्चों को लेकर भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी ने पूरी नहीं की जरूरी प्रक्रिया मामला केवल वेतन नहीं मिलने तक सीमित नहीं है। जानकारी के अनुसार, कंपनी की ओर से दिनेश की भारत वापसी के लिए आवश्यक कानूनी और एग्जिट प्रक्रिया पूरी नहीं की जा रही है। इसके चलते वह चाहकर भी सऊदी अरब से वापस भारत नहीं आ पा रहे हैं। लंबे समय से विदेश में फंसे होने के कारण दिनेश और उनके परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। परिवार चाहता है कि संबंधित स्तर पर हस्तक्षेप कर कंपनी से उनकी बकाया सैलरी दिलाई जाए और भारत वापसी की प्रक्रिया जल्द पूरी कराई जाए। क्षेत्र पंचायत सदस्य ने मुख्यमंत्री से लगाई मदद की गुहार दिनेश की स्थिति को देखते हुए क्षेत्र पंचायत सदस्य ने मामले को प्रशासन के सामने उठाया है। उन्होंने एसडीएम धारचूला के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर दिनेश की मदद और सुरक्षित भारत वापसी की गुहार लगाई है। ज्ञापन में दिनेश को सऊदी अरब से वापस लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने तथा कंपनी से उनका लंबित वेतन दिलाने की मांग की गई है। साथ ही विदेश में फंसे युवक को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। परिवार को है सुरक्षित वापसी का इंतजार दिनेश के लंबे समय से विदेश में फंसे होने के कारण उनके परिजन भी चिंता में हैं। परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि एक तरफ वेतन नहीं मिल रहा है और दूसरी ओर भारत लौटने की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पा रही है। परिजनों को उम्मीद है कि प्रशासन और सरकार के स्तर से मामले में हस्तक्षेप होने के बाद दिनेश की समस्याओं का समाधान हो सकेगा और उनकी जल्द भारत वापसी सुनिश्चित की जाएगी। विदेश में रोजगार के लिए जाने वालों की मुश्किलें भी आईं सामने यह मामला विदेशों में रोजगार की तलाश में जाने वाले भारतीय श्रमिकों के सामने आने वाली चुनौतियों को भी सामने लाता है। रोजगार के बेहतर अवसर की उम्मीद में बड़ी संख्या में उत्तराखंड समेत देश के अन्य हिस्सों से लोग खाड़ी देशों में काम करने जाते हैं। ऐसे मामलों में वेतन, रोजगार अनुबंध, पासपोर्ट, वीजा और भारत वापसी से जुड़ी प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण हो जाती हैं। फिलहाल दिनेश सिंह धामी का परिवार प्रशासन और सरकार से मदद की उम्मीद कर रहा है। करीब 10 महीने से वेतन नहीं मिलने और भारत वापसी की प्रक्रिया अटके होने के कारण दिनेश की स्थिति गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन और संबंधित अधिकारी मामले में किस स्तर पर कार्रवाई करते हैं और दिनेश की सुरक्षित घर वापसी कब तक हो पाती है।

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