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Nainatal वन विनाश: पहाड़ में अनियंत्रित आग, नैनीताल में धुआं; भयानक चित्र देखें

उत्तराखंड के जंगलों में भारी आग लगी है। वहीं, कुमाऊं में जंगलों में आग लगी है। आग लगती रहती है। बीते 24 घंटे में कुमाऊं के जंगलों में...
Uttarakhand Ekta

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विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta

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27 अप्रैल 2024, 09:20 पूर्वाह्न 4 व्यूज 3 मिनट पढ़ें
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रिपोर्टर Uttarakhand Ekta
अपडेट किया गया 2 years पहले

उत्तराखंड के जंगलों में भारी आग लगी है। वहीं, कुमाऊं में जंगलों में आग लगी है। आग लगती रहती है। बीते 24 घंटे में कुमाऊं के जंगलों में 26 स्थानों पर आग लगी है, एक-दो नहीं। प्रदेश में 31 स्थानों पर आग लगी हैं, कुमाऊं में 26 स्थानों पर सबसे अधिक आग लगी हैं। गढ़वाल मंडल में पांच स्थानों पर वन क्षेत्र में आग लगी है, लेकिन कोई घटना नहीं हुई है। इन घटनाओं में लगभग 34 हेक्टेयर वनक्षेत्र को नुकसान हुआ है।

साथ ही, नवंबर 2023 से प्रदेश में 575 वनाग्निन घटनाएं हुई हैं, जिससे लगभग 690 हेक्टेयर वन क्षेत्र को नुकसान हुआ है।

इस वर्ष बारिश और बर्फबारी न होने के कारण गर्मी बढ़ी है। बढ़ते तापमान के बीच नैनीताल और आसपास के जंगलों में भीषण आग लगी हुई है। खड़ी पहाड़ियों में आग लगने के कारण वह विभाग और दमकल विभाग की टीम भी कई जगहों पर आग पर काबू पाने में असफल रहे हैं। जो जंगलों को जला देता है। अब आग को नियंत्रित करने के लिए हेलीकॉप्टर की मदद ली जाती है।

सीएम वनाग्नि की रोकथाम को लेकर समीक्षा बैठक करेंगे
सीएम पुष्कर सिंह धामी शनिवार को हल्द्वानी आएंगे। अपर जिलाधिकारी शिवचरण द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री शनिवार को 3ः30 बजे काशीपुर हैलीपैड से प्रस्थान कर 3ः45 बजे फॉरेस्ट ट्रेनिंग अकादमी पहुचेंगे। यहां फाॅरेस्ट ट्रेनिंग अकादमी सभागार में पेयजल व्यवस्था व वनाग्नि की रोकथाम के संबंध में समीक्षा बैठक करेंगे। साथ ही समस्या ग्रस्त क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद शाम 5ः45 बजे एफटीआई हैलीपैड से खटीमा के लिए प्रस्थान करेंगे।

वहीं, गढ़वाल मंडल के टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिले के जंगल लगातार धधक रहे हैं। ज्यादातर चीड़ के जंगलहोने के कारण आग तेजी से फैल रही है। वनकर्मी आग बुझाने में जुटे हैं। एक स्थान पर आग बुझती है तो दूसीर जगह भड़क उठती है। आग से बड़ी  मात्रा में वनसंपदा को नुकसान पहुंचा है। वहीं पशुओं के लिए चारे की समस्या भी खड़ी हो गई है।

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