उत्तराखंड

कुटी से आगे खुला रास्ता, देशभर से आदि कैलास पहुंचे श्रद्धालु; बर्फ से ढके धाम का अद्भुत नजारा

पिथौरागढ़। भारी बर्फबारी के चलते बंद पड़ा कुटी-आदि कैलास मार्ग अब एक बार फिर श्रद्धालुओं के लिए खुल गया है। मार्ग से बर्फ हटाए जाने के बाद बुधवार...
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विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta

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1 अक्टूबर 2026, 08:19 पूर्वाह्न 5 व्यूज 2 मिनट पढ़ें
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स्थान उत्तराखंड
पढ़ने का समय 2 मिनट
रिपोर्टर Sanskriti
अपडेट किया गया 6 days पहले

पिथौरागढ़। भारी बर्फबारी के चलते बंद पड़ा कुटी-आदि कैलास मार्ग अब एक बार फिर श्रद्धालुओं के लिए खुल गया है। मार्ग से बर्फ हटाए जाने के बाद बुधवार दोपहर देश के अलग-अलग हिस्सों से आए श्रद्धालु आदि कैलास पहुंचे और भगवान शिव के पवित्र धाम के दर्शन किए।

बर्फ की मोटी चादर के बीच आदि कैलास का विहंगम दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। लंबे समय से इस आध्यात्मिक यात्रा की तैयारी कर रहे भक्तों ने यहां पहुंचकर प्राकृतिक सुंदरता और हिमाच्छादित पर्वतों के बीच भगवान शिव के दर्शन किए।

बर्फ हटने के बाद श्रद्धालुओं को मिली राह

भारी बर्फबारी के कारण कुटी से आगे आदि कैलास जाने वाला मार्ग बाधित हो गया था। मार्ग से बर्फ हटाने के बाद बुधवार को श्रद्धालुओं के वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकी और विभिन्न राज्यों से आए यात्रियों का दल आदि कैलास पहुंचा।

हालांकि, सड़क के केवल एक तरफ से ही बर्फ हटाई गई है, जबकि कई स्थानों पर फिसलन अभी भी बनी हुई है। ऐसे में वाहनों के संचालन के दौरान विशेष सावधानी बरती जा रही है।

बर्फ से ढका आदि कैलास बना आकर्षण

बर्फबारी के बाद आदि कैलास का प्राकृतिक स्वरूप बेहद मनमोहक नजर आ रहा है। चारों ओर बर्फ से ढके पहाड़ और बीच में दिखाई देता आदि कैलास का पवित्र स्वरूप श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।

आदि कैलास को भगवान शिव से जुड़ी महत्वपूर्ण धार्मिक आस्था का केंद्र माना जाता है। यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु कठिन पहाड़ी यात्रा के बावजूद प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव करते हैं।

बर्फ के बीच आदि कैलास के विहंगम दर्शन श्रद्धालुओं के लिए यादगार बन गए हैं। सुबह की पहली रोशनी में हिमाच्छादित पर्वतों का दृश्य इस क्षेत्र की खूबसूरती को और भी खास बना देता है।

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धारचूला। रोजगार की तलाश में सऊदी अरब गए उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के धारचूला विकासखंड के ग्राम खेला निवासी दिनेश सिंह धामी पिछले करीब 10 माह से विदेश में फंसे हुए हैं। परिजनों के अनुसार, दिनेश को लंबे समय से कंपनी की ओर से वेतन नहीं दिया गया है। आर्थिक संकट के बीच अब उनके सामने खाने-पीने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की भी समस्या खड़ी हो गई है। बताया जा रहा है कि कंपनी की ओर से आवश्यक एग्जिट प्रक्रिया पूरी नहीं किए जाने के कारण दिनेश भारत वापस नहीं लौट पा रहे हैं। लंबे समय से सऊदी अरब में फंसे होने के कारण परिवार भी परेशान है और लगातार उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है। 10 महीने से वेतन का इंतजार दिनेश रोजगार के सिलसिले में सऊदी अरब गए थे। वहां काम शुरू करने के बाद कुछ समय तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में कंपनी ने उनका वेतन रोक दिया। देखते ही देखते कई महीने बीत गए और करीब 10 माह से उन्हें वेतन नहीं मिला। वेतन नहीं मिलने के कारण दिनेश के सामने आर्थिक संकट गहराता चला गया। विदेश में रहते हुए बिना नियमित आय के गुजारा करना उनके लिए मुश्किल हो गया है। परिवार का कहना है कि अब स्थिति ऐसी हो गई है कि उन्हें भोजन और अन्य जरूरी खर्चों को लेकर भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी ने पूरी नहीं की जरूरी प्रक्रिया मामला केवल वेतन नहीं मिलने तक सीमित नहीं है। जानकारी के अनुसार, कंपनी की ओर से दिनेश की भारत वापसी के लिए आवश्यक कानूनी और एग्जिट प्रक्रिया पूरी नहीं की जा रही है। इसके चलते वह चाहकर भी सऊदी अरब से वापस भारत नहीं आ पा रहे हैं। लंबे समय से विदेश में फंसे होने के कारण दिनेश और उनके परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। परिवार चाहता है कि संबंधित स्तर पर हस्तक्षेप कर कंपनी से उनकी बकाया सैलरी दिलाई जाए और भारत वापसी की प्रक्रिया जल्द पूरी कराई जाए। क्षेत्र पंचायत सदस्य ने मुख्यमंत्री से लगाई मदद की गुहार दिनेश की स्थिति को देखते हुए क्षेत्र पंचायत सदस्य ने मामले को प्रशासन के सामने उठाया है। उन्होंने एसडीएम धारचूला के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर दिनेश की मदद और सुरक्षित भारत वापसी की गुहार लगाई है। ज्ञापन में दिनेश को सऊदी अरब से वापस लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने तथा कंपनी से उनका लंबित वेतन दिलाने की मांग की गई है। साथ ही विदेश में फंसे युवक को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। परिवार को है सुरक्षित वापसी का इंतजार दिनेश के लंबे समय से विदेश में फंसे होने के कारण उनके परिजन भी चिंता में हैं। परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि एक तरफ वेतन नहीं मिल रहा है और दूसरी ओर भारत लौटने की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पा रही है। परिजनों को उम्मीद है कि प्रशासन और सरकार के स्तर से मामले में हस्तक्षेप होने के बाद दिनेश की समस्याओं का समाधान हो सकेगा और उनकी जल्द भारत वापसी सुनिश्चित की जाएगी। विदेश में रोजगार के लिए जाने वालों की मुश्किलें भी आईं सामने यह मामला विदेशों में रोजगार की तलाश में जाने वाले भारतीय श्रमिकों के सामने आने वाली चुनौतियों को भी सामने लाता है। रोजगार के बेहतर अवसर की उम्मीद में बड़ी संख्या में उत्तराखंड समेत देश के अन्य हिस्सों से लोग खाड़ी देशों में काम करने जाते हैं। ऐसे मामलों में वेतन, रोजगार अनुबंध, पासपोर्ट, वीजा और भारत वापसी से जुड़ी प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण हो जाती हैं। फिलहाल दिनेश सिंह धामी का परिवार प्रशासन और सरकार से मदद की उम्मीद कर रहा है। करीब 10 महीने से वेतन नहीं मिलने और भारत वापसी की प्रक्रिया अटके होने के कारण दिनेश की स्थिति गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन और संबंधित अधिकारी मामले में किस स्तर पर कार्रवाई करते हैं और दिनेश की सुरक्षित घर वापसी कब तक हो पाती है।

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