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नौकायन और पैराग्लाइडिंग पर प्रतिबंध से सैलानी मायूस हो गए

शनिवार को भीमताल में जंगलों में लगी आग से पर्यटन उद्योग प्रभावित हुआ। वहीं, भीमताल झील में हेलीकॉप्टर के पानी भरने से नौकायन और पैराग्लाइडिंग करने की उम्मीद...
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विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta

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28 अप्रैल 2024, 12:09 अपराह्न 5 व्यूज 2 मिनट पढ़ें
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पढ़ने का समय 2 मिनट
रिपोर्टर Uttarakhand Ekta
अपडेट किया गया 2 years पहले

शनिवार को भीमताल में जंगलों में लगी आग से पर्यटन उद्योग प्रभावित हुआ। वहीं, भीमताल झील में हेलीकॉप्टर के पानी भरने से नौकायन और पैराग्लाइडिंग करने की उम्मीद करने वाले पर्यटकों को नौकायन और पैराग्लाइडिंग करने की अनुमति नहीं मिली और वे मायूस होकर वापस चले गए।

शनिवार की दोपहर चार बजे तक भीमताल झील पूरी तरह से बंद थी। नौकायन और पर्यटन कंपनियों को इससे दो लाख से अधिक रुपये का नुकसान हुआ। स्थानीय लोगों ने बताया कि वन विभाग और प्रशासन को हेलीकॉप्टर की मदद लेनी पड़ी जब पूरा जंगल जल गया था।

बोल सैलानी भीमताल में एक्वेरियम और नौकायन करने गए थे। लेकिन जंगल में आग लगने से हेलीकॉप्टर झील से पानी भरने के कारण नौकायन नहीं हो सका। नौकायन नहीं करने से बहुत निराश होना पड़ा। – ज्ञान, सैलानी आगरा

परिवार के साथ आगरा से भीमताल घूमने के लिए आए हुए थे। शनिवार को भीमताल झील में नौकायन नहीं होने से हमें मायूस होना पड़ा। जंगल की आग ने हमारी उम्मीद पर पानी फेर दिया। -पुष्पेंद्र, सैलानी आगरा

हम लोग भीमताल में नौकायन करने के लिए पहुंचे थे। लेकिन हेलीकॉप्टर के झील से पानी भरने से नौकायन नहीं हो पाई। इससे बिना नौकायन करके वापस जाना पड़ रहा है। – लक्की कार्की, सैलानी

बोले नाव संचालक
जंगल की आग ने हमारा कारोबार प्रभावित किया है। नावों का संचालन नहीं होने से रोजी रोटी पर असर पड़ रहा है। प्रशासन को वीकेंड के दिन झील से पानी नहीं उठाना चाहिए था। -प्रमोद जोशी, नाव संचालक

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