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Udham Singh Nagar News: आरटीई के तहत मुफ्त दाखिले के लिए 270 बच्चों ने किया ऑनलाइन आवेदन, जानें पूरी प्रक्रिया

चार दिनों में 270 आवेदन, प्रक्रिया जारी ऊधम सिंह नगर के काशीपुर क्षेत्र में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश के लिए...
Yogesh

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विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta

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29 मार्च 2026, 07:14 पूर्वाह्न 1 व्यूज 2 मिनट पढ़ें
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स्थान उत्तराखंड
पढ़ने का समय 2 मिनट
रिपोर्टर Yogesh
अपडेट किया गया 6 months पहले

चार दिनों में 270 आवेदन, प्रक्रिया जारी

ऊधम सिंह नगर के काशीपुर क्षेत्र में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश के लिए अभिभावकों में उत्साह देखा जा रहा है। आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के चार दिनों के भीतर ही 270 बच्चों के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जा चुके हैं। यह प्रक्रिया 2 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगी।

किन बच्चों को मिलेगा आरटीई का लाभ

समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत आरटीई योजना के तहत केवल कमजोर वर्ग और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा का अवसर दिया जाता है। इसके लिए अभिभावकों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना अनिवार्य है।

आवेदन और चयन की पूरी टाइमलाइन

  • 24 मार्च 2026: ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू
  • 2 अप्रैल 2026: आवेदन की अंतिम तिथि
  • 3 अप्रैल 2026: बीईओ कार्यालय में दस्तावेज जमा करने की अंतिम तिथि
  • 13 अप्रैल 2026: दस्तावेज सत्यापन और पात्रता पुष्टि
  • 17 अप्रैल 2026: लॉटरी प्रक्रिया का आयोजन
  • 18 अप्रैल 2026: लॉटरी परिणाम घोषित
  • 30 अप्रैल 2026: निजी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

अभिभावक आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने बच्चों के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना जरूरी है, जिसके बाद चयन प्रक्रिया लॉटरी के माध्यम से पूरी की जाएगी।

अधिकारी ने दी जानकारी

खंड शिक्षाधिकारी धीरेंद्र कुमार साहू ने बताया कि पोर्टल पर लगातार आवेदन प्राप्त हो रहे हैं और अभिभावकों से समय रहते आवेदन करने की अपील की गई है, ताकि उनके बच्चों को इस योजना का लाभ मिल सके।

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धारचूला। रोजगार की तलाश में सऊदी अरब गए उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के धारचूला विकासखंड के ग्राम खेला निवासी दिनेश सिंह धामी पिछले करीब 10 माह से विदेश में फंसे हुए हैं। परिजनों के अनुसार, दिनेश को लंबे समय से कंपनी की ओर से वेतन नहीं दिया गया है। आर्थिक संकट के बीच अब उनके सामने खाने-पीने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की भी समस्या खड़ी हो गई है। बताया जा रहा है कि कंपनी की ओर से आवश्यक एग्जिट प्रक्रिया पूरी नहीं किए जाने के कारण दिनेश भारत वापस नहीं लौट पा रहे हैं। लंबे समय से सऊदी अरब में फंसे होने के कारण परिवार भी परेशान है और लगातार उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है। 10 महीने से वेतन का इंतजार दिनेश रोजगार के सिलसिले में सऊदी अरब गए थे। वहां काम शुरू करने के बाद कुछ समय तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में कंपनी ने उनका वेतन रोक दिया। देखते ही देखते कई महीने बीत गए और करीब 10 माह से उन्हें वेतन नहीं मिला। वेतन नहीं मिलने के कारण दिनेश के सामने आर्थिक संकट गहराता चला गया। विदेश में रहते हुए बिना नियमित आय के गुजारा करना उनके लिए मुश्किल हो गया है। परिवार का कहना है कि अब स्थिति ऐसी हो गई है कि उन्हें भोजन और अन्य जरूरी खर्चों को लेकर भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी ने पूरी नहीं की जरूरी प्रक्रिया मामला केवल वेतन नहीं मिलने तक सीमित नहीं है। जानकारी के अनुसार, कंपनी की ओर से दिनेश की भारत वापसी के लिए आवश्यक कानूनी और एग्जिट प्रक्रिया पूरी नहीं की जा रही है। इसके चलते वह चाहकर भी सऊदी अरब से वापस भारत नहीं आ पा रहे हैं। लंबे समय से विदेश में फंसे होने के कारण दिनेश और उनके परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। परिवार चाहता है कि संबंधित स्तर पर हस्तक्षेप कर कंपनी से उनकी बकाया सैलरी दिलाई जाए और भारत वापसी की प्रक्रिया जल्द पूरी कराई जाए। क्षेत्र पंचायत सदस्य ने मुख्यमंत्री से लगाई मदद की गुहार दिनेश की स्थिति को देखते हुए क्षेत्र पंचायत सदस्य ने मामले को प्रशासन के सामने उठाया है। उन्होंने एसडीएम धारचूला के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर दिनेश की मदद और सुरक्षित भारत वापसी की गुहार लगाई है। ज्ञापन में दिनेश को सऊदी अरब से वापस लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने तथा कंपनी से उनका लंबित वेतन दिलाने की मांग की गई है। साथ ही विदेश में फंसे युवक को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। परिवार को है सुरक्षित वापसी का इंतजार दिनेश के लंबे समय से विदेश में फंसे होने के कारण उनके परिजन भी चिंता में हैं। परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि एक तरफ वेतन नहीं मिल रहा है और दूसरी ओर भारत लौटने की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पा रही है। परिजनों को उम्मीद है कि प्रशासन और सरकार के स्तर से मामले में हस्तक्षेप होने के बाद दिनेश की समस्याओं का समाधान हो सकेगा और उनकी जल्द भारत वापसी सुनिश्चित की जाएगी। विदेश में रोजगार के लिए जाने वालों की मुश्किलें भी आईं सामने यह मामला विदेशों में रोजगार की तलाश में जाने वाले भारतीय श्रमिकों के सामने आने वाली चुनौतियों को भी सामने लाता है। रोजगार के बेहतर अवसर की उम्मीद में बड़ी संख्या में उत्तराखंड समेत देश के अन्य हिस्सों से लोग खाड़ी देशों में काम करने जाते हैं। ऐसे मामलों में वेतन, रोजगार अनुबंध, पासपोर्ट, वीजा और भारत वापसी से जुड़ी प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण हो जाती हैं। फिलहाल दिनेश सिंह धामी का परिवार प्रशासन और सरकार से मदद की उम्मीद कर रहा है। करीब 10 महीने से वेतन नहीं मिलने और भारत वापसी की प्रक्रिया अटके होने के कारण दिनेश की स्थिति गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन और संबंधित अधिकारी मामले में किस स्तर पर कार्रवाई करते हैं और दिनेश की सुरक्षित घर वापसी कब तक हो पाती है।

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