उत्तराखंड

अल्मोड़ा की जेन-जी बहनों की अनूठी पहल, सरकारी स्कूल को लिया गोद; 70 से अधिक जरूरतमंद बच्चों की संवारी जिंदगी

अल्मोड़ा: शिक्षा से वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों का भविष्य संवारने के लिए अल्मोड़ा की दो जेन-जी बहनें सराहनीय पहल कर रही हैं। हीरा...
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विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta

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19 अक्टूबर 2026, 06:11 पूर्वाह्न 1 व्यूज 3 मिनट पढ़ें
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स्थान उत्तराखंड
पढ़ने का समय 3 मिनट
रिपोर्टर Sanskriti
अपडेट किया गया 2 minutes पहले

अल्मोड़ा: शिक्षा से वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों का भविष्य संवारने के लिए अल्मोड़ा की दो जेन-जी बहनें सराहनीय पहल कर रही हैं। हीरा डुंगरी स्थित पैलाग फाउंडेशन की निदेशक रीतिका बिष्ट और कृतिका बिष्ट जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ उनके सर्वांगीण विकास के लिए भी काम कर रही हैं।

दोनों बहनों की इस पहल के तहत अब तक 70 से अधिक बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जा चुका है। फाउंडेशन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी किसी भी बच्चे की पढ़ाई में बाधा न बने। इसके लिए बच्चों को पढ़ाई में सहयोग देने के साथ उनकी प्रतिभा को निखारने और उन्हें शैक्षणिक व खेलकूद गतिविधियों में भाग लेने के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

शिक्षा के साथ बच्चों की प्रतिभा निखारने पर जोर

पैलाग फाउंडेशन जरूरतमंद बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है। संस्था का प्रयास है कि बच्चे केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि खेलकूद और अन्य गतिविधियों के माध्यम से भी अपनी क्षमताओं को पहचान सकें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें।

फाउंडेशन की यह पहल उन परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बन रही है, जो आर्थिक परेशानियों के कारण अपने बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने में कठिनाइयों का सामना करते हैं।

सहयोगियों की मदद से आगे बढ़ रही मुहिम

संस्था ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सहयोगियों की मदद से अपने प्रयासों को आगे बढ़ा रही है। फाउंडेशन में छह से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं, जो बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और उनके विकास के लिए कार्य कर रहे हैं।

रीतिका बिष्ट और कृतिका बिष्ट की यह पहल दिखाती है कि सामाजिक बदलाव लाने के लिए बड़े संसाधनों से ज्यादा मजबूत इच्छाशक्ति और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना मायने रखती है। जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराकर दोनों बहनें उनके बेहतर भविष्य की नींव मजबूत करने में योगदान दे रही हैं।

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