उत्तराखंड

Uttarakhand Weather Today: कड़ाके की ठंड की दस्तक, पिथौरागढ़ में हिमपात और निचले इलाकों में बारिश

पिथौरागढ़। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू होने के साथ ही जिले के निचले इलाकों में हल्की...
Sanskriti

Sanskriti

विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta

शेयर करें:
7 अक्टूबर 2026, 05:24 पूर्वाह्न 0 व्यूज 5 मिनट पढ़ें
त्वरित सारांश
स्थान उत्तराखंड
पढ़ने का समय 5 मिनट
रिपोर्टर Sanskriti
अपडेट किया गया 16 hours पहले

पिथौरागढ़। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू होने के साथ ही जिले के निचले इलाकों में हल्की बारिश हुई है। मौसम में आए इस बदलाव के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और लोगों को ठंड का एहसास होने लगा है। पहाड़ी क्षेत्रों में सुबह और शाम के समय ठिठुरन बढ़ गई है।

उच्च हिमालय की चोटियों पर बर्फ की सफेद चादर नजर आने लगी है। वहीं, निचले इलाकों में हुई बारिश के बाद मौसम ठंडा हो गया है। तापमान में गिरावट के कारण लोगों की दिनचर्या पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है। कई स्थानों पर लोगों ने ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया है।

उच्च हिमालयी चोटियों पर शुरू हुआ हिमपात

पिथौरागढ़ जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। उच्च हिमालयी चोटियों पर हिमपात होने से आसपास के क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है। बर्फबारी के बाद पहाड़ों की चोटियां सफेद नजर आने लगी हैं।

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान में गिरावट का असर निचले इलाकों में भी महसूस किया जा रहा है। मौसम में बदलाव के कारण आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना बनी हुई है।

निचले इलाकों में बारिश से बढ़ी ठंड

जिले के निचले क्षेत्रों में हल्की बारिश होने के बाद तापमान में गिरावट आई है। बारिश के चलते वातावरण में ठंडक बढ़ गई है और सुबह-शाम लोगों को पहले की तुलना में अधिक ठंड महसूस हो रही है।

बारिश के बाद मौसम साफ होने की स्थिति में पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान और नीचे जा सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में ठंड का असर और बढ़ने की संभावना है।

बदलते मौसम से जनजीवन पर असर

मौसम में अचानक आए बदलाव का असर आम जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है। सुबह के समय सड़कों और बाजारों में पहले की अपेक्षा ठंड का असर अधिक महसूस किया जा रहा है। ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में लोग ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा लेने लगे हैं।

किसानों के लिए भी मौसम में यह बदलाव महत्वपूर्ण है। बारिश और तापमान में गिरावट का असर स्थानीय कृषि गतिविधियों पर पड़ सकता है। वहीं, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को ठंड से बचाव के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

पर्यटन क्षेत्रों में बदला मौसम का रंग

पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद पहाड़ों का नजारा बेहद खूबसूरत हो गया है। हिमालयी चोटियों पर जमी बर्फ पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकती है। हालांकि, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदलने के कारण यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ने की सलाह दी जाती है।

बारिश और बर्फबारी के कारण पहाड़ी रास्तों पर फिसलन बढ़ सकती है। ऐसे में वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है ठंड

मौसम में बदलाव के बाद पिथौरागढ़ में सर्दी के मौसम की शुरुआत का अहसास होने लगा है। उच्च हिमालय में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश का दौर तापमान में गिरावट का संकेत दे रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मौसम के इस बदलाव के साथ इस बार ठंड की शुरुआत अपेक्षाकृत जल्दी महसूस होने लगी है। यदि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला जारी रहता है और निचले इलाकों में बारिश होती है, तो आने वाले दिनों में पिथौरागढ़ समेत आसपास के क्षेत्रों में ठंड और बढ़ सकती है।

फिलहाल पिथौरागढ़ में मौसम का बदला मिजाज सर्दियों की दस्तक का संकेत दे रहा है। ऊंची चोटियों पर हिमपात और निचले क्षेत्रों में बारिश ने पूरे जिले के तापमान को प्रभावित किया है, जिससे लोगों को कड़ाके की ठंड का अहसास होने लगा है।

और खबरें - उत्तराखंड

सभी देखें ›
उत्तराखंड

धारचूला। रोजगार की तलाश में सऊदी अरब गए उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के धारचूला विकासखंड के ग्राम खेला निवासी दिनेश सिंह धामी पिछले करीब 10 माह से विदेश में फंसे हुए हैं। परिजनों के अनुसार, दिनेश को लंबे समय से कंपनी की ओर से वेतन नहीं दिया गया है। आर्थिक संकट के बीच अब उनके सामने खाने-पीने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की भी समस्या खड़ी हो गई है। बताया जा रहा है कि कंपनी की ओर से आवश्यक एग्जिट प्रक्रिया पूरी नहीं किए जाने के कारण दिनेश भारत वापस नहीं लौट पा रहे हैं। लंबे समय से सऊदी अरब में फंसे होने के कारण परिवार भी परेशान है और लगातार उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है। 10 महीने से वेतन का इंतजार दिनेश रोजगार के सिलसिले में सऊदी अरब गए थे। वहां काम शुरू करने के बाद कुछ समय तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में कंपनी ने उनका वेतन रोक दिया। देखते ही देखते कई महीने बीत गए और करीब 10 माह से उन्हें वेतन नहीं मिला। वेतन नहीं मिलने के कारण दिनेश के सामने आर्थिक संकट गहराता चला गया। विदेश में रहते हुए बिना नियमित आय के गुजारा करना उनके लिए मुश्किल हो गया है। परिवार का कहना है कि अब स्थिति ऐसी हो गई है कि उन्हें भोजन और अन्य जरूरी खर्चों को लेकर भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी ने पूरी नहीं की जरूरी प्रक्रिया मामला केवल वेतन नहीं मिलने तक सीमित नहीं है। जानकारी के अनुसार, कंपनी की ओर से दिनेश की भारत वापसी के लिए आवश्यक कानूनी और एग्जिट प्रक्रिया पूरी नहीं की जा रही है। इसके चलते वह चाहकर भी सऊदी अरब से वापस भारत नहीं आ पा रहे हैं। लंबे समय से विदेश में फंसे होने के कारण दिनेश और उनके परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। परिवार चाहता है कि संबंधित स्तर पर हस्तक्षेप कर कंपनी से उनकी बकाया सैलरी दिलाई जाए और भारत वापसी की प्रक्रिया जल्द पूरी कराई जाए। क्षेत्र पंचायत सदस्य ने मुख्यमंत्री से लगाई मदद की गुहार दिनेश की स्थिति को देखते हुए क्षेत्र पंचायत सदस्य ने मामले को प्रशासन के सामने उठाया है। उन्होंने एसडीएम धारचूला के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर दिनेश की मदद और सुरक्षित भारत वापसी की गुहार लगाई है। ज्ञापन में दिनेश को सऊदी अरब से वापस लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने तथा कंपनी से उनका लंबित वेतन दिलाने की मांग की गई है। साथ ही विदेश में फंसे युवक को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। परिवार को है सुरक्षित वापसी का इंतजार दिनेश के लंबे समय से विदेश में फंसे होने के कारण उनके परिजन भी चिंता में हैं। परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि एक तरफ वेतन नहीं मिल रहा है और दूसरी ओर भारत लौटने की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पा रही है। परिजनों को उम्मीद है कि प्रशासन और सरकार के स्तर से मामले में हस्तक्षेप होने के बाद दिनेश की समस्याओं का समाधान हो सकेगा और उनकी जल्द भारत वापसी सुनिश्चित की जाएगी। विदेश में रोजगार के लिए जाने वालों की मुश्किलें भी आईं सामने यह मामला विदेशों में रोजगार की तलाश में जाने वाले भारतीय श्रमिकों के सामने आने वाली चुनौतियों को भी सामने लाता है। रोजगार के बेहतर अवसर की उम्मीद में बड़ी संख्या में उत्तराखंड समेत देश के अन्य हिस्सों से लोग खाड़ी देशों में काम करने जाते हैं। ऐसे मामलों में वेतन, रोजगार अनुबंध, पासपोर्ट, वीजा और भारत वापसी से जुड़ी प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण हो जाती हैं। फिलहाल दिनेश सिंह धामी का परिवार प्रशासन और सरकार से मदद की उम्मीद कर रहा है। करीब 10 महीने से वेतन नहीं मिलने और भारत वापसी की प्रक्रिया अटके होने के कारण दिनेश की स्थिति गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन और संबंधित अधिकारी मामले में किस स्तर पर कार्रवाई करते हैं और दिनेश की सुरक्षित घर वापसी कब तक हो पाती है।

16 hours पहले • 3 व्यूज व्यूज