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चेतावनी: अगले तीन महीने में उत्तराखंड में सामान्य से अधिक गर्मी औसत तापमान रहेगा

प्रदेश में तीन महीने तक गर्मी अच्छी तरह से पसीना छुड़ाएगी। मौसम विभाग ने अप्रैल, मई और जून में राज्य में सामान्य से अधिक तापमान का अनुमान लगाया...
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विशेष संवाददाता, Uttarakhan Ekta

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27 अप्रैल 2024, 04:38 पूर्वाह्न 3 व्यूज 3 मिनट पढ़ें
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रिपोर्टर Uttarakhand Ekta
अपडेट किया गया 2 years पहले

प्रदेश में तीन महीने तक गर्मी अच्छी तरह से पसीना छुड़ाएगी। मौसम विभाग ने अप्रैल, मई और जून में राज्य में सामान्य से अधिक तापमान का अनुमान लगाया है। वहीं, उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने हीट वेव से बचने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया।

मौसम विभाग के वैज्ञानिक रोहित थपलियाल का कहना है कि लांग रेंज फोरकास्ट के अनुसार, उत्तराखंड में अप्रैल, मई, जून का औसत तापमान सामान्य से अधिक रहने का पूर्वानुमान है। उन्होंने ये बात उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) की ओर से शुक्रवार को हीट वेव की तैयारियों पर आयोजित कार्यशाला में दी।

हीट वेव के विभिन्न चरण
राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला में हीट वेव से बचाव को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। कार्यशाला में मौसम केंद्र के वैज्ञानिक रोहित थपलियाल ने हीट वेव के विभिन्न चरणों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि अगर मैदानी क्षेत्रों में 40 डिग्री तथा पहाड़ी क्षेत्रों में 30 डिग्री तक तापमान पहुंच जाता है, तब हीट वेव की परिस्थितियां उत्पन्न होने की संभावना बनती हैं।

कहा, अगर किन्हीं दो जगहों का तापमान लगातार दो दिन सामान्य से साढ़े चार से साढ़े छह डिग्री ऊपर (मैदानों में 40 डिग्री से ऊपर तथा पहाड़ों में 30 डिग्री से ऊपर रहना अनिवार्य) चला जाए, तो हीट वेव मानी जाती है। बताया, उत्तराखंड में मई के अंतिम सप्ताह तथा जून प्रथम सप्ताह में तापमान सबसे ज्यादा रहता है।

गर्मी से बचना जरूरी, करें यह उपाय

स्वास्थ्य विभाग से डॉ. सुजाता ने कहा, गर्मी जानलेवा भी हो सकती है, इसलिए एहतियात बरतें। बताया, गर्मी लगने से व्यक्ति में अत्यधिक थकान, कमजोरी, चक्कर आना, सिर दर्द, जी मिचलाना, शरीर में ऐंठन, तेज धड़कन, भ्रम की स्थिति आदि लक्षण दिखने लगते हैं। इसके लिए जरूरी है कि खूब पानी पीएं, प्यास न लगी हो तब भी पानी पीते रहें। गर्मी का सबसे ज्यादा असर गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों पर पड़ता है, इसलिए एहतियात जरूरी हैं। बताया, गर्मी के मौसम में दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक घर से बाहर जाने से बचना चाहिए, साथ ही महिलाओं को इस समय खाना बनाने से परहेज करना चाहिए। डॉ. विमलेश जोशी ने कहा, हीट वेव से इंसानों की तरह पशुओं को भी खतरा होता है। कहा, धूप में खड़ी कार में बच्चों को न छोड़ें। साथ ही धूप में खड़ी कार में सीधे न बैठें।

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