Sunday, May 19, 2024
uttarakhandekta
Homeउत्तराखंडदेशद्रोही लेकर हरी चादर घूमते है और हम है कि इन्हें देश...

देशद्रोही लेकर हरी चादर घूमते है और हम है कि इन्हें देश तोड़ने के लिए खैरात देते है

एक संकल्प

भारत हिन्दू राष्ट्र घोषित हो

जनसंख्या क़ानून लागू हो

समानता का अधिकार लागू हो पर्सनल लॉ कानून खत्म हो

भारत पर बाहरी आततायियों ने आक्रमण कर इस देश को लूटा और बहन बेटी के साथ दुराचार किया इन नर भक्षियो ने खासतौर पर हिन्दू समाज को अपना निशाना बनाया और हिन्दू समाज पर अत्याचार करनेवालों को उनके अत्याचारों के हिसाब से ओहदे दिए गए उनमे से एक ओहदा है पीर

देश की एकता और अखंडता को भी चोट पहुचाते है पीर

आपने भी हरी चादर लेकर घूमते कुछ दाढी वालों को देखा होगा या बहुत लोग पीर की पूजा करने जाते हैं। आखिर क्या है पीर?

यह भी पढ़े :बीमारी छिपाकर की गई शादी एक धोखा है और ऐसा विवाह अवैध व अमान्य :दिल्ली हाईकोर्ट

पीर का मतलब ?
मुस्लिम राजा का यह एक अधिकारी होता था, जिसे पीर कहा जाता था। गावों में लगान आदि इकट्टा करने का जिम्मा पीर का होता था! रैवैन्यु गांव के एक निश्चित स्थान पर सभी लोग उस पीर के पास जाकर मुगलों का टैक्स देते थे! वो टैक्स केवल हिंदूओं पर ही था जिसको जजिया कर भी कहते थे!

जो हिन्दू परिवार वह जजिया कर देने से मना कर देता था, तो उस पीर के साथ नौ गज के घेरे में रहने वाले सुरक्षा कर्मी, गांव में सबके सामने उस जजिया कर न चुकाने वाले परिवार की सबसे सुंदर बहु या बेटी को नंगा करके लाते थे, व सबके सामने उसके साथ बलात्कार किया जाता था, ताकि किसी की हिम्मत ना पड़े बाद में जजिया कर देने से मना करने से! सबके सामने हो रहे इस घिनौने बलात्कार के समय कुछ लोग उस बहु बेटी के उपर हरी चादर डाल देते थे, व गांव के बाकी लोग डर के मारे लगान व जजिया कर (पैसा) उसी चादर के उपर या उसके पास धड़ाधड़ डालते चले जाते थे और हाथ जोड़ लेते थे सिर झुकाते थे कि कहीं उनके उपर भी पीर या उसके नौ गज के घेरे वाले सुरक्षा देने वाले मुल्ले कोई अत्याचार ना करें! वो हरी चादर आज भी है।

याद करे औरंगजेब को जो एक हजार हिन्दुओ का कत्ल किये बिना भोजन नही करता था और जिसने अपने आप को जीवित पीर घोषित किया ।

यह भी पढ़े :देशद्रोही लेकर हरी चादर घूमते है और हम है कि इन्हें देश तोड़ने के लिए खैरात देते है

क्यू पूजा करते हैं पीर मजार की?

जब कोई दुष्ट नीच मरा तो भी मूर्ख अज्ञानी डरपोक हिंदुओ में उनके प्रति वही घबराहट व भयंकर खौफ बना रहा, और फिर यह पीढी दर पीढी परम्परा लोगों के दिमाग में बैठ गई। ऐसे राक्षस पीरों के मरने के सदियों बाद भी मूर्ख डर के मारे उनकी कब्रों पर वही चादर व पैसा चढ़ाता है!

क्या इससे अधिक कायरता व मूर्खता की मिसाल दुनियां में कहीं मिल सकती है!

विशेष:– पीर से ज्यादा अधिकार और क्षेत्रफल ख्वाजा के पास होता था और वह पीर से भी ज्यादा अत्याचार लुटखसूट करता था और उससे भी ज्यादा अधिकार सैय्यद को मिले होते थे। और वह अपने अधिन जनता पर अत्याधिक अनाचार अत्याचार दुराचार करता था उसी भय से आज भी हिन्दू उनसे डरते हैं और उनकी मजारों पर चदर चढ़ाते हैं और उनकी जय तक बोलते हैं।

मानसिक गुलामी में जी रहे लोगों तक असलियत का पता चल सके !

यह जानकारी पूरी तरह से तथ्यों पर आधारित है! आप इस के कुछ इतिहास के हिस्सों की जानकारी बीकानेर के संग्रहालय में रखे दस्तावेज़ों से प्राप्त किया जा सकता है

सम्हल जाओ देशवासियो किसी की कब्र पर जाने से अच्छा है अपने पितरो को मना लो

जय हिंद जय सनातन

यह भी पढ़े :साई के कारनामें : साई चाँद मिया के कुछ चमत्कारिक करतुते उसके पुस्तक साई सत्चरित्र से

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments